प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने महत्वपूर्ण विदेश दौरे पर रवाना हो गए। इस दौरान वह फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे और कनाडा में आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत के रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक सहयोग को नई मजबूती देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले फ्रांस पहुंचेंगे, जहां उनकी मुलाकात फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित कई वरिष्ठ नेताओं से होगी। दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक साझेदारी रही है और इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
फ्रांस यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया जाएंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषयों पर बातचीत होगी। भारत और स्लोवाकिया के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी चर्चा की जा सकती है।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कनाडा में आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। भारत जी-7 समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी बढ़ती भूमिका और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ते प्रभाव के कारण उसे विशेष आमंत्रित देश के रूप में सम्मेलन में बुलाया गया है। सम्मेलन में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आपूर्ति श्रृंखला और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी सम्मेलन के इतर कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीतियों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दौरा भारत की बहुपक्षीय कूटनीति को आगे बढ़ाने और यूरोप के साथ सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज को प्रमुखता से उठाने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और डिजिटल नवाचार जैसे मुद्दों पर भी अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव, यूरोपीय देशों के साथ मजबूत होते संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की सक्रिय भूमिका को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। इससे भारत को निवेश, तकनीक और रणनीतिक सहयोग के नए अवसर मिलने की भी उम्मीद है।

