मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर मातृशक्ति के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में हिस्सा लिया। इसके बाद हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में पहुंचे। दोनों कार्यक्रमों में मातृशक्ति की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन का पवित्र पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियों की नई सौगात लेकर आए। उन्होंने कहा कि बहनों के बीच पहुंचकर उन्हें ऐसा अनुभव हो रहा है, जैसे कोई भाई अपने घर-परिवार के बीच पहुंचा हो। मातृशक्ति से मिल रहा स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही उन्हें उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
नारी सम्मान हमारी संस्कृति और संस्कार का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन हमें नारी सम्मान के महत्व का भी स्मरण कराता है। नारी का सम्मान केवल हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कार का आधार है। महिलाएं परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और संस्कृति की भी मूल शक्ति हैं। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की मातृशक्ति की बात आती है तो उनका सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। पहाड़ की महिलाओं ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया है और परिवार, समाज तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए जा रहे कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। महिला आरक्षण, शौचालयों का निर्माण और तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ निर्णायक कदम महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। इसके अलावा प्रदेश में 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन भी महिलाओं की सामूहिक शक्ति और नेतृत्व का उदाहरण पेश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन महिलाओं ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ ही सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों के स्तर पर भी सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। वहीं, समान नागरिक संहिता के माध्यम से सभी वर्गों की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की। इससे प्रदेश की महिलाएं रक्षाबंधन के अवसर पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए आसानी से यात्रा कर सकेंगी।
जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित कार्यक्रम में आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, अन्य जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से पहुंची बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
वहीं, हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

