देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में ईंधन के दाम बढ़ने के बाद अब इसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखाई देने लगा है। पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच यह बढ़ोतरी आम जनता के बजट पर भारी पड़ रही है।
ईंधन महंगा होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव परिवहन, खाद्य सामग्री, सब्जियों, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने से बाजार में सामान महंगा होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में मध्यम वर्ग और दैनिक आय पर निर्भर परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
देश के कई शहरों में लोग पहले से ही बढ़ती महंगाई, बिजली बिल और घरेलू खर्चों से परेशान हैं। अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से निजी वाहन चलाना भी महंगा हो गया है। रोजाना नौकरी, व्यापार और पढ़ाई के लिए सफर करने वाले लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और परिवहन लागत बढ़ने के कारण ईंधन के दामों में वृद्धि हो रही है। हालांकि आम लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ता जा रहा है।
महंगाई की इस नई मार ने देशभर में चिंता बढ़ा दी है। लोगों को उम्मीद है कि सरकार जल्द राहत देने के लिए कोई ठोस कदम उठाएगी, ताकि बढ़ती कीमतों के बोझ से आम जनता को कुछ राहत मिल सके।

