मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में करीब तीन घंटे चली कैबिनेट बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे बड़ा फैसला उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का रहा। इसके अलावा उपनल कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन मामले में बड़ी राहत दी गई, चारधाम यात्रा में संचालित घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम में सरकारी हिस्सेदारी तय की गई, राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को दस्तावेज जमा करने का अतिरिक्त अवसर दिया गया और सड़क निर्माण कार्यों में बढ़ी लागत को देखते हुए ठेकेदारों को राहत देने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने पशुपालन, पर्यटन, कारागार, आबकारी, स्वास्थ्य और संस्कृत शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसलों पर भी मुहर लगाई।
बैठक की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री जसपाल राणा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा कर मंजूरी प्रदान की गई।
उत्तराखंड बना पूर्ण साक्षर राज्य
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत तय मानकों के आधार पर राज्य सरकार ने उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। सरकार के अनुसार प्रदेश की साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक पहुंच चुकी है, जो शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
उपनल कर्मचारियों को बड़ी राहत
समान काम के बदले समान वेतन से जुड़े मामले में पात्रता की कटऑफ तिथि 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2024 कर दी गई है। इससे बड़ी संख्या में उपनल कर्मचारी इस व्यवस्था का लाभ लेने के पात्र बन सकेंगे।
चारधाम के घोड़े-खच्चरों के बीमे में सरकार की भागीदारी
केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब यात्रा में संचालित लगभग 15 हजार घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। कुल 5.25 करोड़ रुपये के प्रीमियम में से 1.05 करोड़ रुपये सरकार देगी, जिससे पशु मालिकों को आर्थिक राहत मिलेगी।
अच्छी नस्ल की गायों के लिए नई योजना
पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक आधारित पायलट परियोजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य कम समय में उच्च गुणवत्ता वाली नस्ल की गायों का विकास कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना है।
आंदोलनकारियों के आश्रितों को अतिरिक्त मौका
राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को सरकारी नौकरियों में मिलने वाले 10 प्रतिशत आरक्षण के लाभ के लिए दस्तावेज जमा करने का एक और अवसर दिया जाएगा। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने आवेदन तो किया था लेकिन समय पर प्रमाणपत्र जमा नहीं कर पाए थे, अब दस्तावेज सत्यापन के दौरान प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर सकेंगे।
सड़क निर्माण कंपनियों को राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और बिटुमिन की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए सरकार ने पुराने सड़क निर्माण ठेकों में निर्धारित अवधि के लिए अतिरिक्त भुगतान की व्यवस्था को मंजूरी दी है, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हों।
आबकारी व्यवस्था में सुधार
शराब की बोतलों पर लगने वाले होलोग्राम शुल्क से जुड़ी व्यवस्था में संशोधन किया गया है। इससे शुल्क निर्धारण और कर गणना की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।
सुगंधित उत्पादों की जांच के लिए विशेषज्ञ नियुक्त होंगे
सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में आधुनिक तकनीक से खुशबूदार तेल और हर्बल उत्पादों की गुणवत्ता जांच की जाएगी। इसके लिए पांच विशेषज्ञ पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
इंटरनेशनल हिमालयन कार रैली को मंजूरी
राज्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को हरी झंडी दी है। इसमें देश-विदेश के 120 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
जेल नियमावली में संशोधन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप जेल नियमावली में बदलाव करते हुए आदतन अपराधियों की परिभाषा स्पष्ट की जाएगी। इससे जेल प्रशासन को नियमों के क्रियान्वयन में सुविधा मिलेगी।
कारापालों के लिए अलग सेवा नियमावली
राज्य गठन के बाद पहली बार जेल अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के लिए अलग सेवा नियमावली लागू की जाएगी। इससे नियुक्ति, पदोन्नति और सेवा संबंधी मामलों में स्पष्टता आएगी।
संस्कृत शिक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम निर्धारण और परीक्षा संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है।
गोल्डन कार्ड के बकाया भुगतान को मंजूरी
राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के तहत अस्पतालों के लंबित भुगतान के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इससे अस्पतालों को राहत मिलेगी और योजना का संचालन सुचारू रूप से जारी रह सकेगा।

