हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अब अपने चरम पर पहुंच गई हैं। जैसे-जैसे नामांकन प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंची, वैसे-वैसे राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म होता चला गया। आखिरी दिन जिस तरह से उम्मीदवारों की भीड़ नामांकन केंद्रों पर उमड़ी, उसने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है। हर सीट पर दावेदारों की लंबी कतारें यह बताती हैं कि स्थानीय स्तर पर सत्ता की लड़ाई कितनी अहम हो चुकी है। आज, शनिवार 2 मई को राज्य के 51 नगर निकायों में चुनाव के लिए अंतिम दिन 721 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। कुल मिलाकर 64 पदों के लिए 1426 दावेदार मैदान में उतर चुके हैं, जिससे मुकाबला काफी रोचक हो गया है। सबसे ज्यादा नामांकन कांगड़ा जिले में दर्ज किए गए, जहां तीन दिनों में 269 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की।
इसके अलावा मंडी में 214, शिमला में 167, बिलासपुर में 96, चंबा में 113, हमीरपुर में 55, कुल्लू में 125, सिरमौर में 92, सोलन में 158 और ऊना में 137 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए हैं।
राज्य में चार नगर निगम, 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायतों में चुनाव होने हैं। अब 4 अप्रैल को सुबह 10 बजे से नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी, जबकि 6 अप्रैल को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे।
मतदान 17 मई को होगा। नगर पंचायत और नगर परिषद के नतीजे उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि नगर निगमों के परिणाम 31 मई को सामने आएंगे।
इन चुनावों में कुल 3,60,859 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिलाएं और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं। खास बात यह है कि 1808 युवा पहली बार मतदान करेंगे, जो इस चुनाव में नई ऊर्जा और नए समीकरण जोड़ सकते हैं।

