देश के दो राज्यों गुजरात और असम में बाढ़ और भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं, कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा है। राहत और बचाव एजेंसियां युद्धस्तर पर अभियान चला रही हैं, जबकि मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
गुजरात में पिछले दो दिनों के दौरान भारी बारिश और बाढ़ से 35 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के पाटन जिले के संतालपुर तालुका में शनिवार सुबह छह बजे तक बीते 24 घंटों में 381 मिमी और राधनपुर तालुका में 342 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा वाव-थराद के भाभर क्षेत्र में 287 मिमी वर्षा हुई, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, शनिवार सुबह छह बजे तक पिछले 24 घंटों में राज्य के सभी 34 जिलों में बारिश दर्ज की गई। वहीं 173 तालुकाओं में 250 मिमी से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
उधर, असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है और नौ जिलों के 7.05 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। राहत शिविरों में हजारों लोगों को ठहराया गया है, जबकि प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाने में जुटा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत कर बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि प्रधानमंत्री ने राज्य के लोगों को भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
गुजरात में राहत और बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 18 तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 32 टीमों को प्रभावित जिलों में तैनात किया गया है। कई संवेदनशील क्षेत्रों में सेना को भी मोर्चे पर लगाया गया है। अब तक करीब 42 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि पिछले कुछ दिनों में सात हजार से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है।
अहमदाबाद के ढोलका तालुका में बाढ़ के पानी में फंसे 103 लोगों को एनडीआरएफ ने सुरक्षित निकाला। वहीं नवसारी जिले के कई गांवों में चलाए गए एक अन्य अभियान के दौरान 120 लोगों को बचाया गया और 43 अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मौसम विभाग ने उत्तर गुजरात के साबरकांठा, बनासकांठा, पाटण, मेहसाणा तथा सौराष्ट्र के सुरेंद्रनगर और मोरबी जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। हालांकि दक्षिण गुजरात में बारिश का असर कुछ कम हुआ है। लगातार हो रही वर्षा के बीच सरदार सरोवर नर्मदा बांध का जलस्तर भी बढ़कर 68 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है, जिससे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

