August 31, 2026
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राष्ट्रीय

‘छुआछूत’ वाले बयान पर राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर दी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में ‘छुआछूत’ संबंधी बयान को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई एक स्थानीय निवासी की शिकायत के आधार पर की है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।

हल्द्वानी के सिटी एसपी मनोज कुमार कत्याल के मुताबिक, जवाहर नगर कॉलोनी निवासी अमित कुमार की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने खुद को वाल्मीकि समुदाय से बताया है।

दरअसल, राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए एक ‘शुद्धिकरण हवन’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की थी। यह हवन कांग्रेस अध्यक्ष और दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के कुछ दिन बाद आयोजित किया गया था।

राहुल गांधी ने इस आयोजन को ‘अपराध’ बताते हुए आरोप लगाया था कि यह देश में दलितों के साथ होने वाले ‘छुआछूत’ की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आयोजन के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की थी।

शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाया?

शिकायतकर्ता अमित कुमार का कहना है कि 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित सफाई अभियान और धार्मिक अनुष्ठान में उन्होंने तथा अनुसूचित जाति समुदाय के कई अन्य लोगों ने हिस्सा लिया था। उनके मुताबिक, इस कार्यक्रम का किसी व्यक्ति या जाति से कोई संबंध नहीं था।

अमित कुमार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने पूरी जानकारी के बिना इस आयोजन को ‘छुआछूत’ से जोड़ दिया और इसे अनुसूचित जाति के खिलाफ अपराध बताया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस बयान से आयोजन में शामिल लोगों की छवि प्रभावित हुई और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ने की स्थिति पैदा हुई।

राहुल गांधी पर इन धाराओं में केस

पुलिस ने शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ BNS की धारा 196, धारा 299 और SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(q) के तहत मामला दर्ज किया है।

BNS की धारा 196 अलग-अलग समूहों के बीच धर्म, जाति आदि के आधार पर दुश्मनी बढ़ाने और सामाजिक सौहार्द प्रभावित करने वाले कृत्यों से संबंधित है। धारा 299 किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने से जुड़ी है। वहीं SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(q) एससी/एसटी समुदाय के सदस्य को नुकसान पहुंचाने या परेशान करने के उद्देश्य से सरकारी अधिकारी को झूठी या बेबुनियाद जानकारी देने से संबंधित है।

इस मामले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कांग्रेस को ‘मुद्दा विहीन’ पार्टी बताते हुए कहा था कि हल्द्वानी में हवन करने वाले लोग बीजेपी कार्यकर्ता नहीं थे।

वहीं राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री से हल्द्वानी में खड़गे के मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।

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