September 16, 2026
Daily Lok Manch
उत्तराखंड

उपनल कर्मचारियों को धामी सरकार का बड़ा तोहफा, न्यूनतम वेतन-डीए के साथ समायोजन का भी खुलेगा रास्ता


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिन के मौके पर उपनल कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के हित में सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब उपनल कर्मचारियों को केवल न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ ही नहीं मिलेगा, बल्कि स्वीकृत पदों से अधिक संख्या में कार्यरत कर्मचारियों के समायोजन का रास्ता भी तैयार किया जाएगा। समायोजन की प्रक्रिया में कर्मचारियों की नियुक्ति की तारीख के आधार पर वरिष्ठता तय की जाएगी।

सरकार ने उपनल कार्मिकों को वेतनमान के न्यूनतम स्तर और अनुमन्य महंगाई भत्ते का लाभ देने की प्रक्रिया को तीन चरणों में लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत अलग-अलग अवधि में नियुक्त कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से लाभ दिया जाएगा।

पहले चरण में उन उपनल कर्मचारियों को शामिल किया गया है, जिनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2016 से पहले हुई है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को लाभ दिया जाएगा। वहीं तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त उपनल कार्मिकों को शामिल किया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने से लंबे समय से उपनल के माध्यम से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारी होने पर समायोजन

शासनादेश में सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था उन विभागों के लिए की गई है, जहां स्वीकृत या सृजित पदों की तुलना में अधिक संख्या में उपनल कर्मचारी काम कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को उनकी नियुक्ति की तारीख के आधार पर तैयार वरिष्ठता क्रम के अनुसार उपलब्ध पदों के सापेक्ष समायोजित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

यदि संबंधित विभाग में समायोजन के लिए पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं होते हैं, तो कर्मचारियों को दूसरे विभागों में समान प्रकृति के रिक्त पदों पर समायोजित करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। इसके बावजूद आवश्यकता बनी रहने पर अधिसंख्य पदों के सृजन की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए शासन स्तर पर अलग व्यवस्था अथवा समिति गठित किए जाने का प्रावधान किया गया है।

पूर्व उपनल कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

सरकार ने प्रत्यक्ष अनुबंध के आधार पर काम कर चुके पूर्व उपनल कर्मचारियों को भी इस व्यवस्था के दायरे में रखा है। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार उन्हें भी न्यूनतम वेतन और अनुमन्य महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने की व्यवस्था की गई है।

वहीं निगमों, परिषदों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत उपनल कर्मचारियों के संबंध में संबंधित संस्थाओं को अपने स्तर पर निर्णय लेना होगा। इन कर्मचारियों को दिए जाने वाले लाभ का खर्च संबंधित संस्था अपने संसाधनों से वहन करेगी।

सरकार के इस फैसले को उपनल कर्मचारियों से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही मांगों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन और सेवा से जुड़े मामलों में नई व्यवस्था लागू होने का रास्ता साफ होगा।

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