देश के प्रमुख तीर्थों में शामिल चारधाम यात्रा को अब और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। 2026 की यात्रा के लिए सरकार ने ‘सेफ जर्नी’ रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (EMS) को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने की योजना है, ताकि गंभीर रूप से बीमार श्रद्धालुओं को तुरंत एयरलिफ्ट किया जा सके।
पिछले आंकड़ों से सबक, अब लक्ष्य और कम मौतें
2024 में यात्रा के दौरान 246 श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई थी। 2025 में यह संख्या घटकर 189 रह गई। पिछले वर्ष 51,04,975 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और त्वरित चिकित्सा सहायता के जरिए मृत्यु दर को और कम किया जाए।
ऊंचाई वाले धामों में स्थायी अस्पताल तैयार
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ऊंचाई वाले दोनों प्रमुख धामों में स्थायी अस्पताल लगभग तैयार हैं:
- केदारनाथ में 17 बेड का अस्पताल मशीनरी इंस्टॉलेशन के साथ तैयार है। इस सीजन में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती के बाद इसे पूरी क्षमता से शुरू किया जाएगा।
- बद्रीनाथ में 30 बेड का फुल-फ्लेज्ड अस्पताल श्रद्धालुओं को समर्पित रहेगा, जहां इमरजेंसी और स्पेशलिस्ट सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इन अस्पतालों में ऑक्सीजन सपोर्ट, जरूरी जांच उपकरण और आपातकालीन उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
हेली-एम्बुलेंस पर अहम फैसला जल्द
सरकार गंभीर मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट करने के लिए डेडिकेटेड हेली-एम्बुलेंस सिस्टम बनाने पर विचार कर रही है। शुक्रवार को प्रस्तावित समीक्षा बैठक में EMS को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। साथ ही, पिछले 10 वर्षों की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
हार्ट स्पेशलिस्ट की होगी तैनाती
पर्यटन मंत्री ने स्वीकार किया कि पिछले वर्षों में यात्रा मार्ग पर कार्डियोलॉजिस्ट की कमी रही। इस बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हार्ट स्पेशलिस्ट और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपना हेल्थ चेकअप अवश्य कराएं, विशेष रूप से हृदय और श्वसन संबंधी जांच, ताकि ऑक्सीजन की कमी और कार्डियक अरेस्ट जैसी आपात स्थितियों से बचा जा सके।
सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा की दिशा में बड़ा कदम
चारधाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, त्वरित एयर रेस्क्यू और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है। सरकार का फोकस स्पष्ट है आस्था के साथ सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।

