पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी रणभूमि में उतरते हुए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में 144 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं। पार्टी की इस सूची ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि कई हाई-प्रोफाइल सीटों पर भाजपा ने बड़े नेताओं को मैदान में उतारा है।
सबसे बड़ा फैसला विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को लेकर लिया गया है। भाजपा ने उन्हें दो अहम सीटों — नंदीग्राम और भबानीपुर — से उम्मीदवार बनाया है। भबानीपुर सीट पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ मानी जाती है। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प होने की संभावना है और इसे चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक मुकाबला माना जा रहा है।


भाजपा की इस पहली सूची में राज्य के अलग-अलग जिलों से कई प्रमुख नेताओं और नए चेहरों को टिकट दिया गया है। पार्टी का उद्देश्य राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को कड़ी चुनौती देना है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि इस बार बंगाल में सत्ता परिवर्तन की संभावना मजबूत है और इसी रणनीति के तहत उम्मीदवारों का चयन किया गया है।
ममता के गढ़ में भाजपा की सीधी चुनौती
भबानीपुर सीट लंबे समय से ममता बनर्जी का मजबूत राजनीतिक गढ़ रही है। भाजपा ने यहां सुवेंदु अधिकारी को उतारकर सीधी चुनौती दी है। इससे पहले भी नंदीग्राम सीट पर दोनों नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला हो चुका है और इस बार फिर से दोनों के आमने-सामने आने की संभावना ने चुनावी माहौल को बेहद रोमांचक बना दिया है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी ने उम्मीदवारों का चयन क्षेत्रीय समीकरण, संगठन की ताकत और जीत की संभावना को ध्यान में रखते हुए किया है। कई सीटों पर पार्टी ने नए चेहरों को मौका दिया है, जबकि कई जगह अनुभवी नेताओं को टिकट देकर मजबूत रणनीति बनाई गई है।
चुनाव से पहले भाजपा का आक्रामक अभियान
पहली सूची जारी होने के साथ ही भाजपा ने बंगाल में अपना चुनावी अभियान भी तेज कर दिया है। पार्टी का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों, सीमावर्ती जिलों और शहरी सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करना है। भाजपा का दावा है कि राज्य में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता बदलाव चाहती है।
उधर तृणमूल कांग्रेस भी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है और जल्द ही अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने की तैयारी कर रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और गर्म होने की संभावना है।
भाजपा की पहली सूची में शामिल प्रमुख उम्मीदवार
सुवेंदु अधिकारी – नंदीग्राम
सुवेंदु अधिकारी – भबानीपुर
दिलीप घोष
सुकांत मजूमदार
लॉकेट चटर्जी
अर्जुन सिंह
शुभेंदु अधिकारी समर्थक कई क्षेत्रीय नेता
हिरेन चटर्जी
रवींद्रनाथ माइती
शीतल कापाट
अमूल्य माइती
अंतरा भट्टाचार्य
भरती घोष
प्रशांत बेरा
रामप्रसाद गिरी
नीलाद्रि शेखर दाना
तनमय घोष
हरकली पाटिहार
निर्मल धारा
दिवाकर घोरमी
चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि चुनावी राज्यों में 5,173 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं ताकि शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई हो। इसके अलावा, 5,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) भी तैनात की गई हैं।
बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। केरल और असम में वोटिंग एक ही चरण में 9 अप्रैल को होगी, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पुडुचेरी में भी वोटिंग 9 अप्रैल को ही होगी।
इसके अलावा गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा की छह सीटों पर उपचुनाव भी हो रहे हैं। ECI ने बताया कि चारों राज्यों और पुडुचेरी में वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री:
14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं।

