उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अभी से चुनावी मोर्चेबंदी तेज कर दी है। पार्टी संगठन अब बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर उतर आया है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं, जहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कर चुनावी तैयारियों की नब्ज टटोली।
बैठक में सबसे ज्यादा जोर उन बूथों पर दिया गया जहां लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने साफ संदेश दिया कि आगामी चुनाव में जीत की असली कुंजी बूथ प्रबंधन और जमीनी कार्यकर्ताओं की सक्रियता होगी। उन्होंने नेताओं को संगठन को और ज्यादा सक्रिय, प्रभावी और जनता से जुड़ा बनाने के टिप्स दिए।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि पार्टी अब हार वाले बूथों और कमजोर क्षेत्रों पर विशेष फोकस करेगी। इसके लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जो उन विधानसभा क्षेत्रों में जाकर स्थानीय कोर कमेटी और बूथ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेगी। उन्होंने कहा कि कोर कमेटी के 17 सदस्य जून, जुलाई और अगस्त में अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे और वहां संगठन की स्थिति का आकलन करेंगे।
महेंद्र भट्ट के मुताबिक प्रभावशाली नेताओं को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ताकि बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि बैठक में विपक्ष के नकारात्मक एजेंडे का जवाब देने के लिए भी विशेष रणनीति बनाई गई है। भाजपा का पूरा चुनावी मॉडल बूथ आधारित होता है और इसी रणनीति को और धारदार बनाने पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को यह समझाया कि आगामी चुनाव में बूथ प्रबंधन को कैसे और अधिक प्रभावी बनाया जाए। पूरी बैठक का केंद्र आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी जीत यानी ‘हैट्रिक’ सुनिश्चित करने की रणनीति रही। भाजपा अब संगठनात्मक मजबूती, बूथ मैनेजमेंट और विपक्ष के खिलाफ आक्रामक रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गई है।

