September 10, 2026
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Apple iPhone Duo launch: दुनिया भर में जिस फोन का था इंतजार, आखिर खुल गया राज! एपल ने उतारा पहला फोल्डेबल आइफोन डुओ, तीन स्क्रीन और कई अनोखे फीचर्स से मचाई हलचल, वीडियो



दुनिया भर में एपल के प्रशंसकों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। जिस फोन को लेकर महीनों से तरह-तरह की चर्चाएं, कयास और उत्सुकता बनी हुई थी, उसने आखिरकार बाजार में दस्तक दे दी है। एपल ने अपने बहुप्रतीक्षित ‘सरप्राइज एंड शाइन’ आयोजन में पहली बार फोल्डेबल आइफोन पेश कर तकनीकी दुनिया में हलचल मचा दी। कंपनी ने इसे आइफोन डुओ नाम दिया है। किताब की तरह खुलने वाला यह फोन अपने डिजाइन के साथ-साथ तीन स्क्रीन, छिपे हुए कैमरे और एक साथ कई काम करने की सुविधा के कारण चर्चा में आ गया है। हालांकि, भारतीय प्रशंसकों के लिए इस फोन की कीमत बड़ा झटका देने वाली है। भारत में इसकी कीमत अमेरिका की तुलना में करीब 1 से 1.5 लाख रुपये तक अधिक बताई जा रही है।



एपल ने इस आयोजन में केवल फोल्डेबल आइफोन डुओ ही पेश नहीं किया, बल्कि आइफोन 18 प्रो और आइफोन 18 प्रो मैक्स को भी बाजार में उतारा। खास बात यह रही कि कंपनी ने इस बार आइफोन 18 के सामान्य यानी बेस मॉडल को लॉन्च करने से दूरी बनाई। ऐसे में एपल का पूरा फोकस अपने नए फोल्डेबल फोन और प्रीमियम प्रो मॉडल पर दिखाई दिया।

किताब की तरह खुलता है, पासपोर्ट जैसा दिखता है


आइफोन डुओ का सबसे बड़ा आकर्षण इसका फोल्डेबल डिजाइन है। फोन को बीच से मोड़ने पर यह सामान्य स्मार्टफोन से काफी छोटा दिखाई देता है और इसका आकार लगभग पासपोर्ट जैसा नजर आता है। वहीं खोलने पर यह किताब की तरह फैल जाता है। एपल ने फोन के डिजाइन को इस तरह तैयार किया है कि फोल्ड होने के बावजूद यह प्रीमियम और कॉम्पैक्ट नजर आए और खुलने के बाद उपयोगकर्ता को बड़ी स्क्रीन का अनुभव मिल सके।

इस फोन में बाहर की तरफ 5.4 इंच का डिस्प्ले दिया गया है। फोन खोलने पर अंदर 7.6 इंच की बड़ी स्क्रीन मिलती है। इसकी खासियत यह है कि अंदर की व्यवस्था दो स्क्रीन के रूप में काम करती है। इस तरह उपयोगकर्ता के पास कुल तीन स्क्रीन का अनुभव होता है—एक बाहरी स्क्रीन और अंदर दो स्क्रीन, जो जुड़ने के बाद एक बड़ी स्क्रीन जैसी दिखाई देती हैं।

एपल ने इन स्क्रीन को केवल आकार बढ़ाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया है, बल्कि इनके जरिए मल्टीटास्किंग को भी आसान बनाया गया है। उपयोगकर्ता अंदर की दोनों स्क्रीन पर अलग-अलग दो ऐप चला सकता है। जरूरत पड़ने पर दोनों स्क्रीन को एक साथ जोड़कर एक ही ऐप या सामग्री को बड़े क्षेत्र में देखा जा सकता है। यानी एक स्क्रीन पर काम करते हुए दूसरी स्क्रीन पर किसी दूसरे ऐप को इस्तेमाल करने की सुविधा भी मिलती है।

फोल्डेबल फोन के बाजार में यह सुविधा इसे अलग पहचान देने वाली हो सकती है, क्योंकि बड़ी स्क्रीन का फायदा केवल वीडियो देखने या पढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि एक साथ कई काम करने में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैमरा भी है खास, स्क्रीन के अंदर छिपा है

आइफोन डुओ में कैमरा सिस्टम को लेकर भी एपल ने अलग तरीका अपनाया है। फोन में 48 मेगापिक्सल का डुअल कैमरा दिया गया है, जिसे अंदर की स्क्रीन के डिजाइन में इस तरह शामिल किया गया है कि कैमरा लगभग छिपा हुआ नजर आता है। इससे स्क्रीन पर किसी बड़े कैमरा कटआउट की वजह से होने वाली परेशानी कम होती है और अंदर का डिस्प्ले ज्यादा साफ-सुथरा दिखाई देता है।

इस फोन की एक और खास सुविधा तस्वीर खींचने के अनुभव को बिल्कुल अलग बना सकती है। जब फोन के मुख्य यानी पीछे वाले कैमरे से किसी व्यक्ति की तस्वीर खींची जाएगी, तब तस्वीर खिंचवाने वाला व्यक्ति बाहरी स्क्रीन पर खुद को देख सकेगा। इसका फायदा यह होगा कि वह अपनी मुद्रा, चेहरा और पोज आसानी से ठीक कर सकेगा।

आमतौर पर जब कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से अपनी तस्वीर खिंचवाता है तो उसे यह पता नहीं होता कि वह फ्रेम में सही दिखाई दे रहा है या नहीं। कई बार तस्वीर लेने के बाद ही पता चलता है कि पोज सही नहीं था या चेहरा ठीक से फ्रेम में नहीं आया। आइफोन डुओ में बाहरी स्क्रीन के जरिए इस समस्या को काफी हद तक दूर करने की कोशिश की गई है।

फोल्डेबल फोन में स्क्रीन का इस तरह इस्तेमाल एपल की उस रणनीति को दिखाता है, जिसमें कंपनी केवल नया डिजाइन देने के बजाय फोन के इस्तेमाल के तरीके को भी बदलना चाहती है।

भारत में कीमत बनी सबसे बड़ी चर्चा

आइफोन डुओ के फीचर्स ने जहां तकनीकी दुनिया में उत्सुकता बढ़ाई है, वहीं इसकी कीमत भारतीय खरीदारों के लिए सबसे बड़ी चर्चा बन गई है। अमेरिका की तुलना में भारत में यह फोन करीब 1 से 1.5 लाख रुपये तक महंगा पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय बाजार में एपल के इस नए फोल्डेबल फोन की बिक्री और ग्राहकों की प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।

एपल के लिए आइफोन डुओ सिर्फ एक नया मॉडल नहीं, बल्कि फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में कंपनी की पहली बड़ी एंट्री भी है। अब तक फोल्डेबल फोन के बाजार में कई कंपनियां अपने अलग-अलग डिजाइन और तकनीक के साथ मौजूद रही हैं। एपल ने इस क्षेत्र में कदम रखने में लंबा समय लिया, लेकिन कंपनी ने जिस तरह तीन स्क्रीन, मल्टीटास्किंग, छिपे कैमरे और नए डिजाइन को एक साथ पेश किया है, उससे साफ है कि वह बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।

आइफोन 18 प्रो और आइफोन 18 प्रो मैक्स के साथ आइफोन डुओ की लॉन्चिंग ने इस बार एपल के आयोजन को और खास बना दिया है। बेस मॉडल आइफोन 18 को लॉन्च नहीं किए जाने से भी कंपनी की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आइफोन डुओ फोल्डेबल फोन की दुनिया में एपल के लिए नया अध्याय लिख पाएगा और क्या इसकी भारी कीमत के बावजूद दुनियाभर के प्रशंसक इसे हाथों-हाथ लेंगे।

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