हांगकांग के ताई पो इलाके में वांग फुक कोर्ट में भीषण आग लगने से अब तक 94 लोगों की मौत हो गई। आवासीय परिसर में लगी आग पर लगभग काबू पा लिया गया है। पुलिस ने असुरक्षित सामग्री के इस्तेमाल के आरोप में तीन निर्माण कंपनी के अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह 1948 के बाद हांगकांग की सबसे भयानक आग है।
अग्निशमन कर्मी आग लगने के दूसरे दिन गुरुवार आग पर काबू करने के लिए मशक्कत करते रहे। सात में से चार ब्लाकों में आग को नियंत्रित कर लिया गया है, जबकि शेष 31-मंजिला इमारतों के ऊपरी मंजिलों पर आग अभी भी लगी हुई है। इस अग्निकांड को शहर की पिछले 70 वर्षों की सबसे बड़ी आपदा बताया जा रहा है।
हांगकांग के साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े पैमाने पर बचाव कार्य जारी है। पीड़ितों को अभी भी इमारतों से निकाला जा रहा है। गर्मी के स्तर की निगरानी करने और पुन: भड़कने से रोकने के लिए ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। बुधवार को शुरू हुई आग का सटीक कारण अभी ज्ञात नहीं है। जांच शुरू की गई है।
हांगकांग सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए 30 करोड़ हांगकांग डॉलर का राहत कोष बनाया है। 1983 में निर्मित वांग फुक कोर्ट, शहर के उपनगर ताई पो जिले में स्थित है, जिसमें आठ टावर्स हैं और 1,984 अपार्टमेंट हैं। 2021 की जनगणना के अनुसार इनमें लगभग 4,600 लोग रहते हैं। अनुमान है कि यहां रहने वाले करीब 40 प्रतिशत लोगों की उम्र 60 साल के आस-पास है।

