उत्तर प्रदेश की अयोध्या अब भगवान श्रीराम के मंदिर के साथ उत्तराखंड की पहचान और संस्कृति को भी प्रदर्शित करने का माध्यम बनने जा रही है। उत्तराखंड सरकार अयोध्या में करीब 67.83 करोड़ रुपये की लागत से राज्य अतिथि गृह का निर्माण कराने जा रही है। खास बात यह है कि यह भवन केवल ठहरने की सुविधा देने वाला सामान्य सरकारी गेस्ट हाउस नहीं होगा, बल्कि इसे उत्तराखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले विशेष केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
राज्य सरकार की योजना के मुताबिक अतिथि गृह की डिजाइन और आंतरिक सज्जा में उत्तराखंड के पहाड़, हिमालय, जंगल, नदियां और पारंपरिक संस्कृति की झलक दिखाई जाएगी। भवन में प्रवेश करते ही लोगों को उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक पहचान का अनुभव कराने की कोशिश की जाएगी।
प्रस्तावित भवन के अलग-अलग तल को अलग-अलग थीम पर विकसित किए जाने की योजना है। इनमें उत्तराखंड के प्रमुख प्राकृतिक स्थलों, हिमालयी जीवनशैली, लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को आधुनिक डिजाइन के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए इंटीरियर में उत्तराखंड की कला, वास्तुकला और प्राकृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सरकार की यह पहल अयोध्या आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों के बीच उत्तराखंड की पहचान को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अयोध्या में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में राज्य अतिथि गृह उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति और प्राकृतिक विरासत की ब्रांडिंग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम कर सकता है।
इस परियोजना के जरिए सरकार का उद्देश्य अयोध्या में उत्तराखंड की अलग पहचान स्थापित करने के साथ ही प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है।

