भारत के कुछ नामचीन निजी बैंकों में कार्यबल की संख्या घटी है। ऐक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आरबीएल बैंक में वित्त वर्ष 25 की तुलना में वित्त वर्ष 26 में कार्यबल की संख्या कम हुई है।
भारत के निजी क्षेत्र के तीसरे सबसे बड़े निजी बैंक ऐक्सिस बैंक में वित्त वर्ष 26 में कार्यबल 3,100 घटा है। इसका कारण यह है कि बीते वर्षों में तकनीक पर किए गए निवेश से उत्पादकता में वृद्धि होने लगी। इस बैंक का श्रमबल वित्त वर्ष 26 में क्रमिक रूप से घटकर 1,01,300 हो गया जबकि यह बीते वर्ष में 1,04,400 था। भारत के सबसे बड़ा निजी ऋणदाता एचडीएफसी बैंक में कार्यबल वित्त वर्ष 26 में 3,343 कम हो गया। इस बैंक का कार्यबल वित्त वर्ष 26 में घटकर 2,11,178 हो गया जबकि यह वित्त वर्ष 25 में 2,14,512 था।
इसी क्रम में आरबीएल बैंक में श्रमबल वित्त वर्ष 25 के 14,265 से घटकर वित्त वर्ष 26 में 13,316 हो गया। इस तरह इस बैंक का श्रमबल 949 कम हुआ। ऐक्सिस बैंक में श्रमबल ऑप्टिमाइजेशन की प्रवृत्ति जारी है। दरअसल, बीते वर्षों से प्रौद्योगिकी में किए गए निवेश से उत्पादकता लाभ मिल रहा है।
ऐक्सिस बैंक के बैंकिंग ऑपरेशंस ऐंड ट्रासफार्मेशन के कार्यकारी निदेशक सुब्रत मोहंती ने कहा कि बैंक ने वित्त वर्ष 26 में कर्मचारी संख्या में कमी के बावजूद लगभग 400 शाखाएं जोड़ी हैं। यह संचालन में बेहतर उत्पादकता को दर्शाता है। मोहंती ने कहा, ‘हम प्रशिक्षण और कर्मचारी सशक्तीकरण, बेहतर शाखा उत्पादकता और प्रौद्योगिकी व डिजिटलीकरण से मिले समर्थन के माध्यम से हर स्तर पर उत्पादकता हासिल कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस (एआई) के कार्यबल की संख्या पर पड़ने वाला प्रभाव अभी पूरी तरह से सामने आना बाकी है। मोहंती ने बताया, ‘अभी एआई मुख्य रूप से प्रोसेसिंग गति में सुधार कर रहा है, डेटा उपयोग को बढ़ा रहा है और ऐंड-टू-ऐंड लेनदेन को तेजी से पूरा करने में सक्षम बना रहा है।’
उनके अनुसार एआई के लाभ अब तक व्यवसाय पक्ष पर अधिक स्पष्ट रहे हैं जबकि कर्मचारी संख्या पर इसका प्रभाव अगले वर्ष तक आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘हम अभी प्रौद्योगिकी में निरंतर निवेश देख रहे हैं। इसके अलावा कर्मचारी सशक्तीकरण और प्रशिक्षण तिमाही आधार पर उत्पादकता को स्थिर वृद्धि की ओर ले जा रहा है।’
बैंक ने यह निर्दिष्ट नहीं किया कि कर्मचारी संख्या में कमी किन क्षेत्रों में हुई है। मोहंती ने संकेत दिया कि प्रारंभिक लाभ फ्रंटलाइन संचालन में दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘एक बड़े वितरण संगठन के रूप में महत्त्वपूर्ण जमीनी स्तर का कार्यबल है, शाखाओं और ग्राहक से सीधे जुड़े केंद्रों में सुधार हो रहा है, वहां से शुरुआती लाभ आ रहा है।’
उधर एचडीएफसी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन ने कहा कि बैंक का प्रौद्योगिकी निवेश चार गुना बढ़कर लगभग एक अरब डॉलर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा, ‘ हमारा नेतृत्व प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सबसे महत्त्वपूर्ण ताकत है। हमने पिछले कुछ वर्षों में बैंक की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया है। इस क्रम में तकनीक पर निर्भरता अत्यधिक बढ़ गई है। हम प्रौद्योगिकी-प्रथम संस्थान के रूप में काम कर रहे हैं।
अपना जॉब्स मार्केटप्लेस के सीईओ कार्तिक नारायण के अनुसार बैंक कार्यबल में गिरावट मुख्य रूप से आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस (एआई) के बजाय बढ़ी हुई ऑटोमेशन (स्वचालन) के कारण हुई है। हालांकि बैंक की शाखा स्तर के कर्मचारियों की संख्या मोटे तौर पर अपरिवर्तित बनी हुई है।
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