विश्व हृदय दिवस हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हृदय रोगों के प्रति जागरूक करना और समय रहते जोखिम कारकों की पहचान के लिए प्रेरित करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियां दुनियाभर में मौत का प्रमुख कारण हैं। वर्ष 2022 में इन बीमारियों से करीब 19.8 मिलियन लोगों की मौत हुई, जो वैश्विक मौतों का लगभग 32 प्रतिशत है। इनमें बड़ी संख्या हार्ट अटैक और स्ट्रोक से हुई मौतों की रही।
विश्व हृदय महासंघ ने 2026 में ‘डोंट मिस अ बीट’ अभियान के जरिए हृदय रोगों के ऐसे संकेतों पर ध्यान देने का संदेश दिया है, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधि की कमी, तंबाकू सेवन, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हृदय स्वास्थ्य के लिए प्रमुख जोखिम कारक हैं।
हाई ब्लड प्रेशर पर रखें नजर
उच्च रक्तचाप कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी बना रहता है। लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव डाल सकता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराना जरूरी है।
खानपान में सुधार जरूरी
अधिक नमक, अस्वास्थ्यकर वसा और अतिरिक्त चीनी का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। भोजन में फल, सब्जियां और पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना और नमक व अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा सीमित रखना बेहतर माना जाता है।
रोजाना शारीरिक गतिविधि अपनाएं
लंबे समय तक बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी भी हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकती है। पैदल चलना, साइकिल चलाना, खेलना या अन्य शारीरिक गतिविधियां रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। गतिविधि की मात्रा व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार तय की जानी चाहिए।
तंबाकू से दूरी बनाना जरूरी
धूम्रपान और तंबाकू के अन्य रूप हृदय तथा रक्त वाहिकाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए तंबाकू से दूरी बनाना महत्वपूर्ण है।
हार्ट अटैक के संकेतों को पहचानें
सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, ठंडा पसीना, चक्कर, मतली, असामान्य कमजोरी और कुछ मामलों में पीठ या जबड़े में दर्द हार्ट अटैक के संभावित संकेत हो सकते हैं। महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज वाले लोगों में लक्षण अलग रूप में भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे संकेत मिलने पर उन्हें नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
नियमित जांच से कम किया जा सकता है जोखिम
ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और वजन की नियमित जांच से हृदय रोग के जोखिम को समय रहते पहचाना जा सकता है। स्वस्थ खानपान, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, तंबाकू से दूरी और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जोखिम कारकों का प्रबंधन हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।
विश्व हृदय दिवस 2026 का संदेश यही है कि दिल की सेहत को नजरअंदाज न करें। रोजमर्रा की छोटी-छोटी स्वस्थ आदतों के साथ समय पर जांच और चेतावनी संकेतों की पहचान हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

