हिमाचल प्रदेश में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर नई पहल की है। पार्टी ने 21 अक्टूबर 2026 को अपने 17 संगठनात्मक जिलों में जिला समन्वयकों की नियुक्ति की घोषणा की है। इन नियुक्तियों के माध्यम से प्रदेश नेतृत्व ने जिला स्तर पर बेहतर तालमेल, संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी और विभिन्न प्रकोष्ठों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
प्रकोष्ठ संकुल समन्वयक पुरुषोत्तम गुलेरिया की ओर से जारी सूची के अनुसार, नियुक्त किए गए नेताओं को उनके वर्तमान राज्यस्तरीय दायित्वों के अतिरिक्त जिला समन्वयक की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इससे इन नेताओं को प्रदेश और जिला स्तर के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ ही पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।
इन नेताओं को मिली जिला समन्वयक की जिम्मेदारी
भाजपा की ओर से जारी सूची में शिमला जिले की जिम्मेदारी नरेश चौहान को दी गई है, जो प्रदेश संयोजक, सहकारिता प्रकोष्ठ हैं। महासू में बलदेव रांटा को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो देव समाज प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक हैं। मंडी में पाल वर्मा को जिला समन्वयक बनाया गया है। वह पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक हैं। इसी क्रम में कुल्लू जिले में पर्यटन प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक चमन कपूर को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सोलन में पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक सुरेंद्र ठाकुर को नियुक्त किया गया है।
लाहौल-स्पीति में बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक एल्गन बौद्ध और किन्नौर में व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक मोहन नेगी को जिला समन्वयक बनाया गया है।
इसके अलावा ऊना में कुलदीप सिंह दयाल, बिलासपुर में पुरुषोत्तम शर्मा, देहरा में देवराज शर्मा और सुंदरनगर में किशोर कुमार ठाकुर को जिला समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने अलग-अलग क्षेत्रों में संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं को जिला स्तर पर सक्रिय करने का प्रयास किया है। हालांकि, उपलब्ध सूची में 11 जिलों के नाम और समन्वयकों का विवरण दिया गया है, जबकि घोषणा 17 संगठनात्मक जिलों के लिए की गई है।
प्रकोष्ठों की सक्रियता और जमीनी तालमेल पर जोर
भाजपा की इस संगठनात्मक व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न प्रकोष्ठों को जिला स्तर पर अधिक सक्रिय बनाना और पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करना है। सहकारिता, देव समाज, पंचायती राज, पर्यटन, पूर्व कर्मचारी, बुद्धिजीवी और व्यापार जैसे क्षेत्रों से जुड़े नेताओं को नई जिम्मेदारी मिलने से संबंधित वर्गों के साथ संपर्क बढ़ाने में मदद मिल सकती है। जिला समन्वयकों से अपेक्षा होगी कि वे प्रदेश नेतृत्व और जिला इकाइयों के बीच संवाद बनाए रखें, संगठन की गतिविधियों की जानकारी साझा करें तथा स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं और सुझावों को उचित मंच तक पहुंचाएं। अतिरिक्त प्रभार मिलने से इन नेताओं की भूमिका भी बढ़ेगी और उन्हें अपने मौजूदा दायित्वों के साथ जिला स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन पर ध्यान देना होगा।
भाजयुमो की राष्ट्रीय टीम में भी हिमाचल को प्रतिनिधित्व
इसी दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय टीम में भी हिमाचल प्रदेश के नेताओं को जगह मिली है। प्रज्वल बस्टा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और अतुल ठाकुर को मीडिया सहप्रभारी बनाया गया है। इन नियुक्तियों से प्रदेश के युवा नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। जिला समन्वयकों की नियुक्तियों और युवा मोर्चा की राष्ट्रीय टीम में हिमाचल के प्रतिनिधित्व को पार्टी संगठन को मजबूत करने की व्यापक कवायद के रूप में देखा जा रहा है। अब इन नियुक्तियों का वास्तविक असर जिला स्तर पर संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और पार्टी के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में दिखाई देगा।

