देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की एंट्री हो चुकी है। कई जगह भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सड़के, तालाब, डैम सभी लबालब भरे हुए हैं। उधर मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल में हिमालय के निचले इलाकों, सिक्किम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिन में तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में भी आज इसी तरह के मौसम की संभावना है।
इधर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में रात से ही बारिश हो रही है। दिन में भी शहर में ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में अगले 36 घंटों के दौरान तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हमारी संवाददाता ने बताया है कि राज्य में कल रात से मूसलाधार बारिश हो रही है।
केरलम के पांच उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मल प्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में येलो अलर्ट पहले से ही जारी है। इन जिलों में कल रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था।
श्री माता वैष्णो देवी भवन जाने वाले मार्ग पर बुधवार शाम को भूस्खलन हुआ, लेकिन यात्रा पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। अधिकारियों के अनुसार, रियासी जिले के कटरा स्थित त्रिकुटा पहाड़ियों पर भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन हुआ। भूस्खलन के चलते बैटरी कार सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, लेकिन श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित नहीं हुई। सैकड़ों श्रद्धालु पुराने मार्ग से आने-जाने की यात्रा करते रहे। अधिकारियों के मुताबिक, बैटरी कार सेवा को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद किया गया है, जबकि यात्रा पुराने मार्ग से जारी है।
महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में लगातार भारी बारिश होने की वजह से पुणे और सोलापुर जिलों के लिए पानी का एक अहम स्रोत उज्जनी बांध ‘डेड स्टोरेज लेवल’ से ऊपर पहुंच गया है। गुरुवार सुबह 6 बजे तक बांध का जलस्तर 492.880 मीटर दर्ज किया गया। बांध का कुल जल भंडारण 77.72 टीएमसी (2201.09 एमसीयूएम) है, जबकि जीवंत जल भंडारण 14.06 टीएमसी (398.28 एमसीयूएम) दर्ज किया गया है। वर्तमान में बांध की लाइव स्टोरेज क्षमता 26.25 प्रतिशत है।
तमिलनाडु के नीलगिरी जिले में बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की। दक्षिण गुजरात से मध्य केरल तक फैली लो-प्रेशर ट्रफ के प्रभाव से तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान है। आईएमडी के मुताबिक, नीलगिरि जैसे पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान यह जिला पहले से ही भूस्खलन और बारिश से जुड़ी घटनाओं की वजह से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में विभाग ने लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी घाट से जुड़े अन्य जिलों में भी गुरुवार के दौरान मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने खासकर उन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है, जहां भूस्खलन, पेड़ गिरने और जलभराव का खतरा अधिक रहता है।
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण भारत के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। दक्षिण गुजरात से मध्य केरल तक फैली यह लो-प्रेशर ट्रफ क्षेत्र में नमी बढ़ा रही है। इसके कारण बादल तेजी से बन रहे हैं और तमिलनाडु के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
इस बीच, आईएमडी ने अंडमान सागर में जाने वाले मछुआरों के लिए समुद्री मौसम संबंधी चेतावनी भी जारी की है। विभाग के अनुसार, 10 जुलाई से 12 जुलाई के बीच समुद्र में 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में जाते समय विशेष सावधानी बरतने, मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखने और अपनी समुद्री यात्रा उसी के अनुसार तय करने की सलाह दी गई है।

