उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान 31 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए बंद हो जाएगा। सर्दियों में होने वाली बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए हर साल की तरह इस बार भी घाटी के प्रवेश द्वार बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही इस वर्ष फूलों की घाटी की सैर करने वाले पर्यटकों का सीजन समाप्त हो जाएगा।
फूलों की घाटी अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, रंग-बिरंगे फूलों और जैव विविधता के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। हर साल बड़ी संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक यहां की खूबसूरती देखने पहुंचते हैं। इस वर्ष भी घाटी में पर्यटकों की अच्छी आवाजाही रही। पूरे सीजन के दौरान कुल 35,261 पर्यटकों ने फूलों की घाटी का भ्रमण किया और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया।
बर्फबारी के कारण बंद होता है प्रवेश
समुद्र तल से हजारों फीट की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी में सर्दियों के दौरान मौसम तेजी से बदलता है। तापमान में गिरावट के साथ यहां बर्फबारी शुरू हो जाती है। ऐसे में घाटी तक पहुंचने वाले पैदल मार्गों पर आवाजाही कठिन हो जाती है। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन हर साल निर्धारित समय पर घाटी को बंद कर देता है।
मानसून के दौरान खिलने वाले विभिन्न प्रजातियों के फूल इस घाटी को विशेष पहचान देते हैं। यहां की प्राकृतिक छटा और हिमालय की ऊंची चोटियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यही वजह है कि फूलों की घाटी उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है।
अगले पर्यटन सीजन का करना होगा इंतजार
31 अक्टूबर को घाटी बंद होने के बाद अब पर्यटकों को अगले पर्यटन सीजन का इंतजार करना होगा। सर्दियों में बर्फ से ढकी रहने वाली घाटी में मौसम अनुकूल होने और प्रशासन की अनुमति के बाद ही पर्यटकों की आवाजाही दोबारा शुरू होगी।
इस वर्ष 35,261 पर्यटकों का घाटी पहुंचना उत्तराखंड के प्राकृतिक पर्यटन के प्रति लोगों के आकर्षण को दर्शाता है। फूलों की घाटी न केवल राज्य की प्राकृतिक धरोहर है, बल्कि स्थानीय पर्यटन गतिविधियों और रोजगार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

