पेरिस-न्यूयॉर्क और सिंगापुर को पीछे छोड़ यह शहर बना दुनिया का सबसे महंगा - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
August 15, 2026
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पेरिस-न्यूयॉर्क और सिंगापुर को पीछे छोड़ यह शहर बना दुनिया का सबसे महंगा

इजराइल का यह शहर एक बार फिर सुर्खियों में है।क्योंकि यह दुनिया के टॉप शहरों को पीछे छोड़कर पहले नंबर पर विराजमान हुआ है। ‌ जी हां हम बात कर रहे हैं इजराइल के ‘तेल अवीव’ की। जारी रिपोर्ट के मुताबिक तेल अवीव दुनिया का सबसे महंगा शहर बन गया है। यह खबर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो विश्व के हाईटेक और महंगे शहरों को लेकर आकलन करते रहते हैं और दुनिया के बड़े-बड़े शहरों में घूमने के शौकीन भी हैं। आइए अब बात को आगे बढ़ाते हैं और इजराइल के तेल अवीव के बारे में जानते हैं। इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट द्वारा जारी की गई रैंकिंग के अनुसार, तेल अवीव रहने के लिए दुनिया का सबसे महंगा शहर है। रिपोर्ट के अनुसार तेल अवीव, 2020 की रिपोर्ट की तुलना में पांच पायदान ऊपर चढ़ गया है। गौरतलब है कि पिछले साल की रिपोर्ट के अनुसार पेरिस, हांगकांग और ज्यूरिख क्रमश पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे थे। लेकिन इस बार 2021 की रिपोर्ट में पेरिस और सिंगापुर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, इसके बाद ज्यूरिख और हांगकांग हैं। वहीं न्यूयॉर्क को इस सूची में छठा स्थान मिला है और जिनेवा को सातवें स्थान पर रखा गया है। वहीं सीरिया की राजधानी दमास्कस अभी भी सूची में दुनिया का सबसे सस्ता शहर बना हुआ है। इसका कारण सीरिया में चल रहा गृहयुद्ध है। वहीं दुनिया का दूसरा सबसे सस्ता शहर लिबिया का त्रिपोली है जो पिछले कई वर्षों से राजनीतिक रूप से अस्थिर है। जारी रिपोर्ट के अनुसार भारत के किसी शहर को इसमें टॉप स्थान पर जगह नहीं मिली है। दुनिया के कुल 173 शहरों को सर्वे लिस्ट में रखा गया था। ये वो शहर हैं, जिनमें रहना हर लिहाज से काफी महंगा माना जाता है। इसे वर्ल्डवाइड कॉस्ट ऑफ लिविंग इन्डेक्स के आधार पर तय किया जाता है। सबसे पहले ये देखा जाता है कि अमेरिकी डॉलर की तुलना में वहां की लोकल करेंसी की वैल्यू क्या है। तेल अवीव इजराइल का शहर है। यहां की लोकल करेंसी शेकल है। सर्वे में ये भी देखा गया कि लोकल ट्रांसपोर्ट और ग्रॉसरी के रेट्स वहां क्या हैं। इजराइल अपनी आधिकारिक राजधानी यरूशलम को मानता है, लेकिन फिलिस्तीन के साथ उसका विवाद है। फिलिस्तीन तो इसे इजराइल का हिस्सा ही नहीं मानता। एक और बात जाननी भी जरूरी है। ज्यादातर देशों की एम्बेसीज तेल अवीव में हैं। अमूमन किसी भी देश की राजधानी में ही विदेशी दूतावास या कॉन्स्यूलेट्स होते हैं। इस लिहाज से दुनिया के दूसरे देश विवाद से बचने के लिए तेल अवीव को ही इजराइल की राजधानी के तौर पर देखते हैं। पिछले साल डोनाल्ड ट्रम्प ने यरूशलम को इजराइल की आधिकारिक राजधानी माना था।

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