उत्तराखंड सरकार अवैध रूप से संचालित मदरसों पर सख्त कार्रवाई के बाद अब उनकी फंडिंग की गहन जांच करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध मदरसों को मिलने वाले धन के स्रोत की पूरी जांच की जाए और रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी जाए। सरकार को संदेह है कि इन मदरसों को हवाला या दूसरे देशों से फंडिंग मिल रही है, जिसे लेकर व्यापक जांच की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अवैध मदरसों को मिलने वाली फंडिंग की जांच रिपोर्ट तैयार की जाए और इसे सीएमओ भेजा जाए। अन्य मदरसों की भी जांच की जाए और जो अवैध रूप से चल रहे हैं उसे सीज किया जाए। उल्लेखनीय है कि राज्य में 500 से अधिक अवैध मदरसे और 450 के करीब पंजीकृत मदरसे हैं। जिनके बारे में प्रशासन को कोई जानकारी नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन मदरसों का संचालन कैसे हो रहा है और शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन कहां से आ रहा है? सरकार को आशंका है कि इन मदरसों को धर्म की आड़ में हवाला या विदेशी फंडिंग के जरिए आर्थिक मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इन मदरसों को दूसरे देशों से फंडिंग मिल रही है या नहीं। मुख्यमंत्री धामी ने अवैध मदरसों की फंडिंग की जांच के लिए जिला स्तर पर विशेष कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी प्रत्येक मदरसे के दस्तावेज, बैंक खातों और आय-व्यय का पूरा ब्योरा खंगालेगी।प्रदेश में पिछले एक माह से अवैध मदरसों के खिलाफ प्रशासन का कड़ा अभियान चल रहा है। अब तक पूरे प्रदेश में 136 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है। इन मदरसों के पास न तो पंजीकरण के वैध दस्तावेज थे और न ही उनके संचालन का कोई अधिकृत प्रमाण था।
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