सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाले सिंगापुर में पिछले पांच वर्षों के दौरान धार्मिक जनसांख्यिकी में बदलाव देखने को मिला है। सिंगापुर जनरल हाउसहोल्ड सर्वे के अनुसार, वर्ष 2020 से 2025 के बीच देश में विभिन्न धार्मिक समुदायों की आबादी के अनुपात में परिवर्तन हुआ है।
सर्वेक्षण के मुताबिक, जहां कई प्रमुख धर्मों को मानने वाले लोगों के प्रतिशत में कमी दर्ज की गई, वहीं हिंदू आबादी के साथ-साथ किसी भी धर्म को न मानने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है।
हिंदू आबादी में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि
15 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी के आंकड़ों में हिंदू समुदाय ने खास वृद्धि दर्ज की है। सर्वे के अनुसार, वर्ष 2020 में सिंगापुर की कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी 5.0 प्रतिशत थी। वर्ष 2025 में यह बढ़कर 5.4 प्रतिशत हो गई। यानी पांच वर्षों में हिंदू आबादी के अनुपात में 0.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि धार्मिक पहचान को लेकर सिंगापुर के समाज में धीरे-धीरे बदलाव हो रहा है। एक ओर कुछ प्रमुख धार्मिक समूहों की हिस्सेदारी कम हुई है, वहीं दूसरी ओर धर्म को न मानने वाले लोगों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि सिंगापुर की धार्मिक संरचना लगातार बदल रही है और आने वाले वर्षों में देश की सामाजिक एवं जनसांख्यिकीय तस्वीर पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

