हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया। विधानसभा परिसर में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों दलों के विधायकों ने अलग-अलग प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे और बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, बीजेपी ने भी कांग्रेस सरकार पर पलटवार करते हुए प्रदर्शन किया।
कांग्रेस विधायकों ने बीजेपी पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान ‘चंदा चोर कहां मिलेंगे’ जैसे नारे भी सुनाई दिए। कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रगान और वंदे मातरम को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा गया।
दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बीजेपी विधायकों ने भी विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। जयराम ठाकुर ने राष्ट्रगान से जुड़े विवाद पर सरकार से विधानसभा की लाइव रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष के विधायकों पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया जा रहा है तो विधानसभा की लाइव रिकॉर्डिंग सामने लाई जानी चाहिए।
जयराम ठाकुर ने कहा कि रिकॉर्डिंग देखकर स्पष्ट किया जाए कि विपक्ष के विधायकों ने आखिर राष्ट्रगान का अपमान कहां किया। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि बिना तथ्यों के विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है।
वंदे मातरम को लेकर भी जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कथित बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की बैठक में यह तय किया गया है कि कांग्रेस की ओर से वंदे मातरम के दो ही अंतरे गाए जाएंगे।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अगर कांग्रेस वर्किंग कमेटी में ऐसा कोई फैसला लिया गया है, तो यह राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सदन में किस तरह और कितने हिस्से में गाया जाएगा, इसका निर्णय किसी राजनीतिक दल की बैठक से नहीं हो सकता। उनके मुताबिक इस संबंध में देश में लागू कानून और संसद की व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी, न कि CWC का फैसला।
बता दें कि पिछले शुक्रवार को भी हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी थी। इसके बाद शनिवार को कार्यवाही शुरू होने से पहले ही दोनों प्रमुख राजनीतिक दल आमने-सामने आ गए।
अब विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हो चुकी है। सदन में फिलहाल दिवंगत पूर्व विधायकों विजयेंद्र सिंह और राम चंद भाटिया के निधन पर शोक प्रस्ताव और श्रद्धांजलि की कार्यवाही चल रही है।
राष्ट्रगान और वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब हिमाचल की विधानसभा की कार्यवाही से निकलकर सीधे राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही इस मुद्दे पर अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में सदन के भीतर भी इस मुद्दे पर हंगामा बढ़ने की संभावना है।

