उत्तराखण्ड रजत जयंती उत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ₹8,260 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास, कहा - अब उत्तराखण्ड उत्कर्ष के काल में है - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
December 5, 2025
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उत्तराखण्ड रजत जयंती उत्सव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया ₹8,260 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास, कहा – अब उत्तराखण्ड उत्कर्ष के काल में है


देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती उत्सव के मुख्य समारोह में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग ₹8,260 करोड़ की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। उन्होंने उत्तराखण्ड की 25 वर्षों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए अगले 25 वर्षों के लिए विकास का नया रोडमैप प्रस्तुत करने की प्रेरणा दी।

FRI परिसर में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने गढ़वाली और कुमांऊनी भाषा में प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दी और कहा कि नौ नवंबर उत्तराखण्डवासियों की लंबी तपस्या का फल है। उन्होंने राज्य आंदोलन के शहीदों और आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण जिस उम्मीद और आकांक्षा के साथ किया था, वे आज साकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जब वे आध्यात्मिक यात्राओं पर उत्तराखण्ड आए थे, तो यहां के लोगों का संघर्ष और परिश्रम उन्हें प्रेरित करता था। इसी भरोसे के साथ उन्होंने कहा था कि “यह दशक उत्तराखण्ड का होगा”, और अब यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि उत्तराखण्ड उत्कर्ष के काल में प्रवेश कर चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय सीमित संसाधनों और छोटे बजट के बावजूद उत्तराखण्ड ने विकास की लंबी यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट अब एक लाख करोड़ के पार पहुंच गया है, बिजली उत्पादन चार गुना और सड़कों की लंबाई दोगुनी हो गई है। हवाई सेवाओं का लाभ लेने वाले यात्रियों की संख्या अब प्रतिदिन चार हजार से अधिक हो गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है—एक मेडिकल कॉलेज से संख्या बढ़कर दस हो गई है। वैक्सीन कवरेज अब हर गांव तक पहुंच चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिनमें ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन, दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे और केदारनाथ–हेमकुंट साहिब रोपवे जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड अगर ठान ले, तो कुछ वर्षों में “विश्व की आध्यात्मिक राजधानी” बन सकता है।

प्रधानमंत्री ने पर्यटन से जुड़ी संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड को अपने पारंपरिक त्योहारों, मेलों और स्थानीय व्यंजनों को पर्यटन से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने “वन डिस्ट्रिक्ट–वन फेस्टिवल” के विचार की सराहना की और राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए विंटर टूरिज्म को नई दिशा बताया।

उन्होंने कहा कि आदि कैलाश और बाबा केदार धाम में पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि राज्य की प्रगति का प्रतीक है। उन्होंने उत्तराखण्ड की नई फिल्म नीति, वेडिंग डेस्टिनेशन योजना और ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल की भी सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बेडू फल और बदरी घी को जीआई टैग मिलना गर्व की बात है, और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड उत्तराखण्ड के उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर राष्ट्रहित में साहसिक नीतियां अपनाई हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उत्तराखण्डवासियों का सौभाग्य है कि रजत जयंती जैसे ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री का सान्निध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा सृजित यह राज्य अब “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखण्ड” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के संवेदनशील सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक अस्मिता और सामाजिक समरसता को भी सशक्त कर रही है।

समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

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