महाराष्ट्र के कद्दावर नेता अजित पवार का एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया है। अजित पावर का विमान लैंडिंग के समय बारामती में क्रैश कर गया। अजित पवार समेत विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई है। डीजीसीए ने यह जानकारी दी है। अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु के मामले में जांच टीम को बड़ी सफलता मिली है। दुर्घटनास्थल से विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। जिसे अब DGCA की विशेष जांच टीम अपने कब्जे में लेगी, ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद अब उन तकनीकी पहलुओं और पायलटों की आखिरी बातचीत का पता चल सकेगा, जिसके कारण यह भीषण हादसा हुआ।अजित पवार का अंतिम संस्कार 29 जनवरी गुरुवार को 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान, विद्यानगरी चौक, बारामती में होगा, अजीत पवार का पार्थिव अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है और अंतिम यात्रा कल सुबह 9 बजे निकलेगी।
इसमें अमित शाह और नितिन नबीन शामिल होंगे। अजित पवार इस समय महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री थे और एनसीपी के प्रमुख भी। जिस पहाड़ी इलाके में हादसा हुआ..सुबह वहां काफी कोहरा था..प्लेन क्रैश की बड़ी वजह हो सकती है। अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। नेता से लेकर आम लोग शोकाकुल हैं।

पवार के पार्थिव शरीर को बुधवार शाम को पुणे जिले के विद्या प्रतिष्ठान कैंपस में लाया गया, जहां हजारों पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए। जैसे ही फूलों से सजा वाहन परिसर में दाखिल हुआ, उनके गृह क्षेत्र में “अजित पवार दादा अमर रहें” और “अजीत दादा वापस आओ” के नारे गूंजने लगे, जो समर्थकों के गहरे दुख को दर्शाता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शव को सुबह 9 बजे तक काटेवाड़ी आवास पर रखा जाएगा। इसके बाद, इसे एम्बुलेंस से जीडी माडगुलकर ऑडिटोरियम ले जाया जाएगा। वहां से, अंतिम यात्रा सुबह 9 बजे शुरू होगी और विद्या प्रतिष्ठान मैदान की ओर बढ़ेगी, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इससे पहले, पवार के शव को बारामती के एक मेडिकल कॉलेज में रखा गया था, जिसके बाद उसे पवार परिवार द्वारा चलाए जा रहे शैक्षणिक संस्थान में ले जाया गया। लोग सड़क के दोनों ओर खड़े थे, और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली पवार परिवार से जुड़े इस शहर से जब शव यात्रा गुजरी तो कई लोग भावुक हो गए।
अजित पवार (66) और चार अन्य लोगों की बुधवार सुबह उस समय मौत हो गई जब बारामती हवाई अड्डे पर टेबलटॉप रनवे के किनारे से सिर्फ 200 मीटर की दूरी पर एक चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ‘दादा’ के नाम से मशहूर इस अनुभवी नेता की अचानक मौत से महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन में एक खालीपन आ गया है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, जिसके वे प्रमुख थे, के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विभिन्न राजनीतिक दलों के कई नेताओं के अंतिम संस्कार में शामिल होने की उम्मीद है। NCP के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और राज्य के अलग-अलग हिस्सों से लोग भी श्रद्धांजलि देने के लिए बारामती पहुंचे हैं। अंतिम संस्कार पवार परिवार द्वारा स्थापित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया जाएगा।अधिकारियों ने कहा है कि उनकी याद में बारामती में एक स्मारक बनाया जाएगा।
कैसे क्रैश हुआ पवार का प्लेन, समझें…
बारामती एयरफील्ड अनकंट्रोल्ड है, यानी यहां ATC की जगह फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के इंस्ट्रक्टर ट्रैफिक की जानकारी देते हैं। विमान ने सुबह 8:18 बजे बारामती से पहली बार संपर्क किया। विमान का अगला कॉल लैंडिंग साइट से 30 नॉटिकल माइल (NM) यानी करीब 55 किमी की दूरी पर किया गया।
पुणे अप्रोच ने विमान को बारामती के लिए रिलीज कर दिया और विजुअल मेट्रोलॉजिकल कंडीशन यानी VMC में पायलट की मर्जी से उतरने की सलाह दी। यानी अगर पायलट को मौसम ठीक लग रहा है और लैंडिंग साइट दिखाई दे रही है तो वो बिना किसी एडवांस लैंडिंग टूल की मदद से जेट लैंड करवा सकता है।
इसके बाद पायलट ने हवा और विजिबिलिटी के बारे में पूछा। उन्हें बताया गया कि हवा शांत है और विजिबिलिटी लगभग 3000 मीटर है। विमान ने रनवे 11 पर फाइनल अप्रोच की रिपोर्ट दी, लेकिन बताया कि रनवे नजर नहीं आ रहा।
इसके बाद विमान लैंड करने के बजाय हवा में चक्कर लगाने लगा। थोड़ी देर बाद क्रू ने बताया कि वे फिर से रनवे 11 के फाइनल अप्रोच पर हैं। उनसे पूछा गया कि रनवे दिख रहा है या नहीं। क्रू ने जवाब दिया कि रनवे फिलहाल नजर में नहीं है, लेकिन जैसे ही रनवे दिखेगा, वे बताएंगे। कुछ सेकेंड बाद क्रू ने रिपोर्ट किया कि रनवे अब नजर में है।
विमान को सुबह 8:43 बजे रनवे 11 पर लैंड करने की अनुमति दी गई, लेकिन विमान ने लैंडिंग क्लियरेंस का रीडबैक नहीं दिया गया। सुबह 8:44 बजे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें देखीं।
इसके तुरंत बाद इमरजेंसी सर्विसेज को घटनास्थल भेजा गया। विमान का मलबा रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास, रनवे के 50 मीटर दूर बाईं तरफ पाया गया। इस हादसे की जांच अब AAIB यानी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने अपने हाथ में ले ली है।

