उत्तर प्रदेश को वस्त्र एवं परिधान उद्योग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार मंगलवार से बड़ा कदम उठाने जा रही है। राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मंगलवार से दो दिवसीय यूपी टेक्स का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान वह हथकरघा, रेशम, वस्त्र एवं परिधान और हस्तशिल्प उत्पादों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी करेंगे।
कार्यक्रम में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र से जुड़े उद्यमी, बुनकर, कारीगर और विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ संवाद कर इस क्षेत्र के विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में वस्त्र उद्योग के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के साथ स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को नए बाजार उपलब्ध कराना है।
नई योजनाओं और पोर्टल की होगी शुरुआत
यूपी टेक्स के दौरान प्रदेश सरकार कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेगी। इनमें ‘यू.पी. टेक्स मित्र’ पोर्टल, हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना और उत्तर प्रदेश वस्त्र क्षेत्र प्रशिक्षण एवं कौशल विकास योजना प्रमुख हैं। इन पहलों के माध्यम से वस्त्र उद्योग से जुड़े लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रशिक्षण और अन्य सुविधाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।
‘यू.पी. टेक्स मित्र’ पोर्टल को उद्योग से जुड़े लोगों के लिए एक उपयोगी मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न जानकारियों और सुविधाओं को एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
तकनीक के इस्तेमाल पर भी मंथन
दो दिवसीय आयोजन में वस्त्रोद्योग को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष जोर रहेगा। कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन और डिजिटलीकरण के बढ़ते उपयोग पर चर्चा होगी। विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि बताएंगे कि नई तकनीकों के इस्तेमाल से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, लागत कम करने और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत करने में किस तरह मदद मिल सकती है।
सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश की पारंपरिक हथकरघा और हस्तशिल्प विरासत को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ा जाए। इससे बुनकरों और कारीगरों की आय बढ़ाने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकेंगे।
यूपी टेक्स के माध्यम से प्रदेश में वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर इस उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई संभावनाएं तलाशने की उम्मीद है।

