तेल एवं गैस क्षेत्र की दिग्गज सरकारी कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने अपने आईटी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने लगभग 125 करोड़ रुपए का महत्वपूर्ण अनुबंध आईटी सेवा प्रदाता कॉरपोरेट इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड (सीआईपीएल) को दिया है। इस समझौते के तहत सीआईपीएल अगले तीन वर्षों तक ओएनजीसी के देशभर में फैले 47 केंद्रों पर सूचना प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे का प्रबंधन और रख-रखाव करेगी।
डिजिटल परिवर्तन और सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ओएनजीसी के डिजिटल ढांचे को आधुनिक बनाना और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत करना है। इस पहल से कंपनी के आईटी सिस्टम की दक्षता, विश्वसनीयता और सुरक्षा में सुधार होने की उम्मीद है।
एआई तकनीक से होगा स्मार्ट प्रबंधन
परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग है। इसके तहत एआई आधारित निगरानी, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और इंटेलिजेंट ऑटोमेशन जैसी उन्नत तकनीकों को लागू किया जाएगा। इससे महत्वपूर्ण सिस्टम अधिक सुरक्षित और प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेंगे।
450 से अधिक आईटी विशेषज्ञों की टीम करेगी काम
इस परियोजना को लागू करने के लिए सीआईपीएल ने 450 से अधिक कुशल आईटी पेशेवरों की टीम तैयार की है। यह टीम ओएनजीसी के विभिन्न कार्यालयों में तैनात रहकर चौबीसों घंटे तकनीकी सहायता और सुरक्षा निगरानी सुनिश्चित करेगी।
सरकारी क्षेत्र के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में कदम
सीआईपीएल के प्रबंध निदेशक विनोद कुमार के अनुसार, यह साझेदारी केवल आईटी बुनियादी ढांचे के रख-रखाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से आईटी संचालन को अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाना है। 1956 में स्थापित ओएनजीसी और 2007 से आईटी क्षेत्र में सक्रिय सीआईपीएल के बीच यह सहयोग सरकारी क्षेत्र के डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

