दिल्ली-एनसीआर से हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी का लंबे समय से इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली–मेरठ–हरिद्वार–ऋषिकेश नमो भारत (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम-आरआरटीएस) कॉरिडोर परियोजना अब आगे बढ़ने लगी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत उत्तराखंड में फील्ड सर्वे की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को सर्वे कार्य की पहली किस्त के रूप में 2.28 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
परियोजना के फील्ड सर्वे के लिए कुल लगभग 7.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सर्वे का उद्देश्य प्रस्तावित रेल कॉरिडोर के संभावित रूट, भूमि की स्थिति, तकनीकी चुनौतियों और निर्माण से जुड़े अन्य पहलुओं का विस्तृत अध्ययन करना है। सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की दिशा में तेजी आएगी।
एनसीआरटीसी ने सर्वे कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए उत्तराखंड सरकार से विभिन्न विभागों के सहयोग की भी मांग की है। निगम के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश बंसल ने राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी एवं उत्तराखंड परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी को पत्र भेजकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। माना जा रहा है कि सभी विभागों के सहयोग से सर्वे कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सकेगा।
दिल्ली–मेरठ–हरिद्वार–ऋषिकेश नमो भारत कॉरिडोर को उत्तर भारत की महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाओं में शामिल किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। खासतौर पर हरिद्वार और ऋषिकेश आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
इसके अलावा यह परियोजना उत्तराखंड के पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने में अहम भूमिका निभा सकती है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी और क्षेत्रीय विकास को भी मजबूती मिलेगी। फिलहाल सभी की नजरें फील्ड सर्वे की प्रगति पर टिकी हैं, क्योंकि इसी के आधार पर परियोजना के अगले चरणों, डीपीआर और निर्माण कार्य का रास्ता तय होगा। यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली से हरिद्वार और ऋषिकेश तक नमो भारत ट्रेन का सपना साकार होने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

