प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुबई में कन्नड़ भाषा सिखाने-पढ़ाने वाले परिवारों की सराहना की है। ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा है कि कन्नड़ परिवारों की पहल से एक हजार से ज्यादा बच्चे जुड़े हैं, जो गर्व की बात है।
पीएम मोदी ने कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने के प्रयास वैश्विक हैं और प्रवासी भारतीय भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 129वें एपिसोड में कहा, “अपनी जड़ों से जुड़े रहने के ये प्रयास सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। दुनिया के अलग-अलग कोनों और वहां बसे भारतीय भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।”
दुबई में कन्नड़ परिवारों ने बच्चों को भाषा से जोड़ने हेतु ‘कन्नड़ा पाठशाले’ शुरू कर पढ़ना-लिखना सिखाया
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “दुबई में रहने वाले कन्नड़ परिवारों ने खुद से एक जरूरी सवाल पूछा कि हमारे बच्चे ‘टेक-वर्ल्ड’ में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन कहीं यह अपनी भाषा से दूर तो नहीं हो रहे हैं? यहीं से ‘कन्नड़ा पाठशाले’ का जन्म हुआ। यह एक ऐसा प्रयास है, जहां बच्चों को ‘कन्नड़’ पढ़ाना, सीखना, लिखना और बोलना सिखाया जाता है।”
पीएम मोदी ने फिजी में तमिल भाषा संरक्षण पहल की सराहना की, जहां स्कूलों में तमिल दिवस मनाकर बच्चों ने गौरव दिखाया
पीएम मोदी ने फिजी में भी भारतीय भाषा और संस्कृति के प्रसार के लिए एक पहल को सराहा। उन्होंने बताया कि फिजी में नई पीढ़ी को तमिल भाषा से जोड़ने के लिए कई स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पिछले महीने फिजी के राकी-राकी इलाके में वहां के एक स्कूल में पहली बार तमिल दिवस मनाया गया। उस दिन बच्चों को एक ऐसा मंच मिला, जहां उन्होंने अपनी भाषा पर खुले दिल से गौरव व्यक्त किया। बच्चों ने तमिल में कविताएं सुनाई, भाषण दिए और अपनी संस्कृति को पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर उतारा।
पीएम मोदी ने वाराणसी में काशी तमिल संगमम और स्कूलों में तमिल सीखने के विशेष अभियानों का उल्लेख किया
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के भीतर भी तमिल भाषा के प्रचार के लिए लगातार काम हो रहा है। कुछ दिन पहले ही वाराणसी में चौथा ‘काशी तमिल संगमम’ हुआ। इस साल वाराणसी में ‘काशी तमिल संगमम’ के दौरान तमिल सीखने पर खास जोर दिया गया था। ‘तमिल कराकलम’ इस थीम के तहत वाराणसी के 50 से ज्यादा स्कूलों में विशेष अभियान भी चलाए गए।
पीएम मोदी ने काशी की हिंदीभाषी बच्चियों की तमिल दक्षता सराहकर भाषा-प्रेम और सांस्कृतिक जुड़ाव को उजागर किया
दो बच्चियों के ऑडियो क्लिप सुनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तमिल भाषा में इतनी सहजता से अपनी बात रखने वाली बच्चियां काशी की हैं। इनकी मातृभाषा हिंदी है, लेकिन तमिल भाषा के प्रति लगाव ने इन्हें तमिल सीखने के लिए प्रेरित किया है

