हवाई सफर करने वाले यात्रियों को अब अपनी जेब कुछ और ढीली करनी पड़ेगी। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अतिरिक्त ईंधन शुल्क लगाने का फैसला किया है। नई दरें 6 अक्टूबर 2026 की रात 12:01 बजे से लागू हो गई हैं। एयरलाइन ने विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों को इस बढ़ोतरी की वजह बताया है।
इंडिगो के नए फैसले के बाद घरेलू उड़ानों के यात्रियों पर दूरी के हिसाब से ₹150 से लेकर ₹1,300 तक अतिरिक्त ईंधन शुल्क लगाया जाएगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यह शुल्क ₹1,500 से बढ़कर अधिकतम ₹10,000 तक हो सकता है। इसका सीधा असर टिकट की कुल कीमत पर पड़ेगा।
एयरलाइन की ओर से बताया गया है कि ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण परिचालन लागत पर दबाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए यात्रियों से अतिरिक्त ईंधन शुल्क वसूलने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, यह शुल्क यात्रा की दूरी और उड़ान के प्रकार के आधार पर अलग-अलग होगा।
छह महीने में तीसरी बार बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज
इंडिगो ने पिछले छह महीनों के दौरान तीसरी बार फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी की है। इससे पहले एयरलाइन ने 14 मार्च को ईंधन शुल्क बढ़ाया था। इसके बाद 1 अप्रैल को भी यात्रियों पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डाला गया था। अब अक्टूबर में एक बार फिर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाए जाने से हवाई यात्रा महंगी हो गई है।
दरअसल, एयरलाइनों की कुल परिचालन लागत में विमान ईंधन की बड़ी हिस्सेदारी होती है। एटीएफ की कीमत बढ़ने पर एयरलाइनों के खर्च में भी तेजी आती है। ऐसे में कंपनियां कई बार अतिरिक्त शुल्क के जरिए बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा यात्रियों से वसूलती हैं।
इंडिगो के इस फैसले का असर त्योहारी सीजन में यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी पड़ सकता है। अक्टूबर और नवंबर में छुट्टियों तथा त्योहारों के कारण हवाई यात्रा की मांग बढ़ती है। ऐसे समय में टिकट किराये के साथ अतिरिक्त ईंधन शुल्क जुड़ने से यात्रियों का कुल यात्रा खर्च और बढ़ सकता है।

