भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। रिंकू सिंह के पिता लंबे समय से गंभीर बीमारी (लिवर कैंसर) से जूझ रहे थे। वह वेंटिलेटर पर थे।
रिंकू सिंह मंगलवार को भारत की टी20 वर्ल्ड कप टीम को छोड़कर पिता को देखने ग्रेटर नोएडा आ गए थे। वह जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले अभ्यास सत्र में शामिल नहीं हुए थे। इसके बाद खबर आई थी कि वह पिता की तबियत खराब होने से घर लौटे हैं। हालांकि, मैच से एक दिन पहले वह भारतीय टीम से जुड़ गए थे, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ प्लेइंग 11 का हिस्सा नहीं बने।
जिम्बाब्वे के खिलाफ नहीं खेले रिंकू
जिम्बाब्वे के खिलाफ करो या मरो मैच में रिंकू सिंह की जगह संजू सैमसन को मौका मिला। भारत को 72 रन से जीत मिली। भारत का सुपर 8 में आखिरी मैच 1 मार्च को है। ऐसे में रिंकू इस दुख घड़ी में अपने परिवार के पास जा सकते हैं।
रिंकू सिंह का बचपन काफी गरीबी में बिता है। उनके पिता सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे। रिंकू भी इस काम में अपने पिता का हाथ बंटाते थे। रिंकू के स्टार क्रिकेटर बनने और 2024 में खानचंद सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह कंधे गाड़ी से कंधे पर सिलेंडर उठाकर डिलीवरी करने जा रहे थे। रिंकू सिंह ने बताया था कि काफी कहने के बाद भी वह आराम नहीं करते। पूरी जिंदगी उन्होंने यही काम किया है और वह अपने काम से प्यार करते हैं।

