भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को नई उड़ान: पीएम मोदी ने संसद से दिया 'गंगा-महाकम विजन', साझा विकास और हिंद-प्रशांत सहयोग पर दिया जोर - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 19, 2026
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भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को नई उड़ान: पीएम मोदी ने संसद से दिया ‘गंगा-महाकम विजन’, साझा विकास और हिंद-प्रशांत सहयोग पर दिया जोर


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को इंडोनेशिया की संसद को संबोधित करते हुए भारत और इंडोनेशिया के द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के लिए ‘गंगा-महाकम विजन’ पेश किया। उन्होंने कहा कि यह विजन केवल मौजूदा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षा, समृद्धि और साझा विकास का मजबूत आधार तैयार करेगा। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्तों को भविष्य की साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत बताया।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यापक रणनीतिक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप) को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने का समय है।
‘गंगा-महाकम विजन’ के जरिए पांच प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का आह्वान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के ‘विकसित भारत 2047’ और इंडोनेशिया के ‘गोल्डन इंडोनेशिया 2045’ के लक्ष्यों में कई समानताएं हैं। ऐसे में दोनों देश व्यापार, निवेश, संपर्क, खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ‘गंगा-महाकम विजन’ पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—सभ्यतागत जुड़ाव, साझा विकास, सुरक्षा एवं रणनीतिक भरोसा, समुद्री समृद्धि और ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज। प्रधानमंत्री ने कहा कि रामायण से लेकर बोरोबुदुर तक दोनों देशों की साझा विरासत आज भी दोनों समाजों को जोड़ती है। इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने ‘भारत-इंडोनेशिया सभ्यता संवाद’ शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया स्वतंत्र, मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। साथ ही दोनों देश ग्लोबल साउथ के हितों और उसकी आवाज को वैश्विक मंचों पर और अधिक मजबूती से उठाएंगे।
सर्वोच्च नागरिक सम्मान पर जताया आभार, राष्ट्रपति प्रबोवो संग दोस्ती का किया जिक्र
संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किए जाने पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और इंडोनेशिया की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के गहरे विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक संबंधों का सम्मान है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “सम्मान पर किसी का कॉपीराइट नहीं हो सकता और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मेरी मित्रता भी किसी कॉपीराइट की सीमाओं में बंधी नहीं है।” उनके इस बयान पर संसद में मौजूद सदस्यों ने तालियों से स्वागत किया।
उन्होंने यह भी कहा कि भले ही दोनों देशों की राजधानियों के बीच हजारों किलोमीटर की दूरी हो, लेकिन समुद्र के रास्ते दोनों देश बेहद करीब हैं। उनके अनुसार, समुद्र भारत और इंडोनेशिया के बीच कभी दूरी का नहीं, बल्कि विश्वास, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों का सेतु रहा है और भविष्य में भी यही साझा समृद्धि का आधार बनेगा।
बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपने संबोधन की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया सदियों पुराने इतिहास, संस्कृति और लोगों के मजबूत रिश्तों से जुड़े हैं तथा दोनों देश मित्रता, सहयोग और साझा समृद्धि के नए अध्याय लिखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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