डायबिटीज यानी मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो पूरे शरीर को प्रभावित करती है। समय रहते इसका ध्यान न दिया जाए तो यह शरीर के किसी भी अंग को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर सकती है। डायबिटीज पेशेंट को चाहिए जिस बीमारी के प्रति साधना सचेत रहें। इस बीमारी का शिकार प्रत्येक व्यक्ति को डायबिटीज को नियंत्रण रखने चाहिए। समय-समय पर डॉक्टर की परामर्श जरूर ले। शरीर में बढ़ा हुआ ब्लड शुगर आंखों पर भी बुरा प्रभाव डालता है। कई बार ब्लड शुगर लेवल पर ध्यान न देने से डायबिटीज इतना बढ़ जाता है कि अंधेपन का सामना करना पड़ता है। डायबिटीज के चलते आंखों से संबंधित बीमारियां जैसे मोतियाबिंद, रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा खतरा का खतरा रहता है। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो जरूरी है कि आप अपनी आंखों का खास ख्याल रखें। आंखों संबंधित किसी भी तरह की बीमारी से बचने के लिए आप इन बातों का जरूर पालन करें। हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रोल आपकी आंखों पर बुरा असर डाल सकती है । अपने ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को काबू में रखें। इन्हें कंट्रोल करना आपकी पूरी हेल्थ के लिए फायदेमंद है। डायबिटीज के मरीज के लिए धूम्रपापन सबसे घातक साबित हो सकता है यह मरीज की कोशिकाओं, धमनियों और नसों को बहुत ही नुकसान पहुंचाता है। साथ ही आंखों की रोशनी भी प्रभावित होने लगती है। दिखाई देना बहुत ही कम हो जाता है। कम से कम 3 महीने में आंखों के डॉक्टर को अवश्य दिखाना चाहिए। ज्यादा देर तक मोबाइल और कंप्यूटर पर काम करने से भी बचना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्टस के मुताबिक किसी कैमरा की तरह ही आंखें भी इमेज पर फोकस करती हैं। ऐसा आंखों की इंटर्नल लेंस के कारण हो सकता है। जब ये लेंस धुंधला, गंदा या धूल जैसा दिखता है तो इसका मतलब है कि लोगों को मोतियाबिंद की परेशानी हो सकती है। ये समस्या खासकर डायबिटीज रोगियों में ज्यादा देखने को मिलती है।अध्ययन में बताया गया है कि डाइबिटीज के मरीज अगर अपनी डाइट में विटामिन- ए युक्त भोजन को शामिल कर लें तो आंखों की रोशनी जल्दी खराब नहीं होती है। हरी-पत्तेदार सब्जियों और फलों का सेवन करें।

