टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। जटिल नियमों, सैकड़ों फॉर्म और उलझी हुई प्रक्रियाओं से जूझ रहे करदाताओं को अब जल्द ही एक आसान, पारदर्शी और सुविधाजनक टैक्स सिस्टम मिलने वाला है। इनकम टैक्स विभाग ने नये इनकम टैक्स कानून, 2025 के तहत नियमों और फॉर्म का मसौदा जारी कर दिया है, जिसमें नियमों और फॉर्म दोनों की संख्या में बड़ी कटौती की गई है। इस कदम का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को सरल बनाना, अनुपालन का बोझ कम करना और करदाताओं के लिए पूरी प्रक्रिया को ज्यादा सुगम बनाना है। इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
नियमों और फॉर्म की संख्या में ऐतिहासिक कटौती
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित इनकम टैक्स नियम, 2026 के तहत नियमों की कुल संख्या घटाकर 333 कर दी गई है। इससे पहले इनकम टैक्स नियम, 1962 के तहत कुल 511 नियम लागू थे। यानी नियमों में लगभग 35 प्रतिशत की बड़ी कटौती की गई है।
इसी तरह, फॉर्म की संख्या में 50 प्रतिशत से भी अधिक की कमी की गई है। पहले जहां कुल 399 फॉर्म थे, अब उनकी संख्या घटाकर सिर्फ 190 कर दी गई है। करदाताओं और टैक्स पेशेवरों के लिए इसे लंबे समय बाद मिली सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है।
भाषा हुई आसान, अनावश्यक अनुपालन खत्म
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों ने बताया कि नये नियमों और फॉर्म की भाषा को सरल हिंदी और आसान शब्दों में तैयार किया गया है। ऐसे कई अनुपालन प्रावधानों को पूरी तरह हटा दिया गया है, जिनकी अब कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं रह गई थी।
इसके अलावा, फॉर्म को मानकीकृत किया गया है ताकि करदाताओं को अलग-अलग स्थितियों में अलग-अलग फॉर्म भरने की परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया एक जैसी, स्पष्ट और समझने में आसान बने।
इनकम टैक्स कानून 2025 के अनुरूप तैयार नियम
नये मसौदा नियमों को पूरी तरह इनकम टैक्स कानून, 2025 के अनुरूप बनाया गया है। पुराने, जटिल और गैर-जरूरी प्रावधानों को खत्म कर दिया गया है, ताकि कानून और नियमों के बीच किसी भी तरह का भ्रम न रहे।
सूत्रों के मुताबिक, नियमों और फॉर्म को पूरी तरह से “री-इंजीनियर” किया गया है, यानी इन्हें पुराने ढांचे में सुधार करने की बजाय नए सिरे से तैयार किया गया है।
प्री-फिल्ड फॉर्म से करदाताओं को बड़ी सुविधा
नये नियमों की एक अहम खासियत यह है कि करदाताओं को प्री-फिल्ड फॉर्म की सुविधा मिलेगी। इसका मतलब यह होगा कि आयकर विभाग के पास पहले से उपलब्ध जानकारी—जैसे आय, निवेश और लेन-देन से जुड़ा विवरण—फॉर्म में अपने आप भरा हुआ मिलेगा।
इससे न केवल आयकर रिटर्न भरना आसान होगा, बल्कि गलती होने की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
सुझावों के बाद मार्च में अधिसूचना
इनकम टैक्स विभाग ने बीते सप्ताह शनिवार को नये आयकर कानून, 2025 के तहत नियमों और फॉर्म का मसौदा जारी किया था। विभाग ने सभी संबंधित पक्षों और आम लोगों से 22 फरवरी तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन सुझावों पर विचार करने के बाद नये नियमों और फॉर्म को मार्च के पहले सप्ताह में अधिसूचित किया जाएगा।
1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया कानून
नया इनकम टैक्स कानून, 2025 एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा। इसके साथ ही छह दशक से अधिक पुराने इनकम टैक्स कानून, 1961 की जगह नया कानून प्रभावी हो जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि इन बदलावों से कर अनुपालन न केवल आसान होगा, बल्कि इनकम टैक्स विभाग की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी, जिससे टैक्स चोरी पर लगाम लगाने में भी मदद मिलेगी।

