हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने वार्षिक परीक्षा-2026 को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने जानकारी दी कि 10वीं और 12वीं कक्षा की नियमित एवं राज्य मुक्त विद्यालय (HPSOS) की परीक्षाएं 3 मार्च 2026 से एक साथ शुरू की जाएंगी। इस बार परीक्षा प्रणाली में किए गए बदलावों का उद्देश्य छात्रों को अधिक न्यायसंगत और प्रतिस्पर्धी वातावरण देना है।
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, अब प्रश्नपत्रों की A, B और C सीरीज में प्रश्न समान होंगे, केवल उनका क्रम बदला जाएगा। इससे पहले अलग-अलग सीरीज में प्रश्नों की कठिनाई को लेकर जो असमानता की शिकायतें आती थीं, वे समाप्त होंगी। इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और मेरिट सूची की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप प्रश्नपत्रों को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। इस वर्ष कुल अंकों का 20 प्रतिशत हिस्सा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) का होगा। यह बदलाव छात्रों को JEE, NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद करेगा। छात्रों की सुविधा के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर मॉडल प्रश्नपत्र और प्रश्न बैंक उपलब्ध कराए गए हैं।
बोर्ड ने परीक्षा परिणाम रिकॉर्ड समय में घोषित करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए विशेष मूल्यांकन केंद्र बनाए जाएंगे और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच तेज़ी से की जाएगी। योजना के अनुसार 30 अप्रैल 2026 तक परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे, जिससे छात्रों को कॉलेज एडमिशन और काउंसलिंग में किसी तरह की परेशानी न हो।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से धर्मशाला मुख्यालय से सीधी निगरानी की जाएगी। संवेदनशील और अति-संवेदनशील केंद्रों पर विशेष फ्लाइंग स्क्वाड तैनात रहेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक नकल या अव्यवस्था पाए जाने पर परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ संबंधित स्टाफ पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
मुख्य परीक्षाओं से पहले प्रैक्टिकल परीक्षाएं 20 से 28 फरवरी 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। रोल नंबर और प्रवेश पत्र जल्द ही ऑनलाइन पोर्टल पर जारी किए जाएंगे। छात्रों को परीक्षा केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से कम से कम आधा घंटा पहले पहुंचना अनिवार्य होगा।

