जम्मू-कश्मीर की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर बुधवार रात जम्मू में एक व्यक्ति ने फायरिंग कर दी। हालांकि गनीमत रही कि गोली उन्हें नहीं लगी और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं।
मिली जानकारी के अनुसार Farooq Abdullah बुधवार रात जम्मू में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में उनके साथ जम्मू-कश्मीर के डिप्टी मुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने अचानक फायरिंग कर दी, जिससे समारोह में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति को संभाला और आरोपी को काबू में लेने की कोशिश शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक गोली किसी को नहीं लगी और Farooq Abdullah सुरक्षित हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी का मकसद क्या था।
फायरिंग की घटना के बाद समारोह स्थल पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी से पूछताछ के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह सामने आ पाएगी।
इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं था। फिलहाल Farooq Abdullah पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं और उनकी सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।
सीएम उमर अब्दुल्ला हमले के समय दिल्ली में थे। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर कहा है कि हालात बुरे हो सकते थे, लेकिन क्लोज प्रोटेक्शन टीम ने तेजी से काम किया और हमलावर को समय रहते काबू में कर लिया।

उन्होंने लिखा, “अल्लाह मेहरबान है। मेरे पिता बाल-बाल बच गए। अभी डिटेल्स साफ नहीं हैं, लेकिन पता चला है कि लोडेड पिस्टल वाला एक आदमी प्वाइंट ब्लैंक रेंज में आकर गोली चलाने में कामयाब रहा। यह सिर्फ क्लोज प्रोटेक्शन टीम थी, जिसने गोली को रोक दिया और हत्या की कोशिश नाकाम हो गई।”
सीएम आगे कहा कि कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं, खासकर सिक्योरिटी में चूक के बारे में। उन्होंने कहा कि अभी जवाबों से ज्यादा सवाल हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि कोई जेड प्लस एनएसजी के सुरक्षा कवच वाले पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब कैसे पहुंच गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिप्टी सीएम सुरेंद्र चौधरी और नासिर सोगामी, जो उस समय डॉ. फारूक अब्दुल्ला के साथ थे, वे भी सुरक्षित और ठीक हैं। ऊपर वाले ने उनकी रक्षा की।

