श्रावण कांवड़ मेले में हरिद्वार पहुंचने वाले करोड़ों शिवभक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। मेले के दौरान यातायात व्यवस्था पर बढ़ने वाले दबाव और प्रमुख मार्गों पर लगातार रहने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए 30 जुलाई से 11 अगस्त तक जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल, कॉलेज, तकनीकी शिक्षण संस्थान तथा आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों में इस अवधि के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएंगी।
श्रावण कांवड़ मेला उत्तर भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर साल करोड़ों कांवड़िये हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। जैसे-जैसे मेले की रफ्तार बढ़ती है, शहर और आसपास के इलाकों में यातायात का दबाव भी कई गुना बढ़ जाता है। प्रमुख राजमार्गों, संपर्क मार्गों और शहर की सड़कों पर दिन-रात श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए कहा कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक जनपद के सभी सरकारी, गैर-सरकारी विद्यालय, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, तकनीकी शिक्षण संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। यह निर्णय विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन तेजी से बढ़ती है। उनके सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के लिए कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाएगा, जबकि कुछ मार्गों को आवश्यकता अनुसार पूरी तरह बंद भी रखा जाएगा। ऐसे में स्कूल और कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी और संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम से बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह बंद नहीं रहेंगी। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन माध्यम से नियमित कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधन और शिक्षक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार पढ़ाई जारी रखेंगे।
कांवड़ मेले के दौरान पुलिस, प्रशासन और विभिन्न विभागों की टीमें सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार तैनात रहेंगी। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे जारी यातायात एडवाइजरी का पालन करें और अनावश्यक रूप से बच्चों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ले जाने से बचें।
हरिद्वार में कांवड़ मेले को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से यह एहतियाती फैसला लिया गया है।

