हल्द्वानी के रामलीला मैदान के शुद्धिकरण को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर इस पूरे मामले को जातिगत रंग देने और तुष्टिकरण व वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण का कार्यक्रम किसी व्यक्ति की जाति देखकर नहीं किया गया था, बल्कि धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने अपने स्तर पर हवन और शुद्धिकरण कराया था।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के दौरान रामलीला मैदान में धार्मिक नारे लगाए गए और वहां गंदगी की गई थी। इसके विरोध में कुछ धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों ने हवन कर मैदान का शुद्धिकरण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य न तो खड़गे का अपमान करना था और न ही कांग्रेस को निशाना बनाना।
शुद्धिकरण में भाजपा कार्यकर्ता शामिल नहीं थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला मैदान के शुद्धिकरण कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के किसी कार्यकर्ता की भूमिका नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि हवन और शुद्धिकरण करने वाले लोग विभिन्न धार्मिक संगठनों से जुड़े थे। सीएम धामी ने कांग्रेस पर इस मामले को अनावश्यक रूप से राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन होने के साथ ही बड़े धार्मिक आयोजन भी होते हैं। ऐसे स्थान पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों और गंदगी के विरोध में धार्मिक संगठनों ने शुद्धिकरण किया था।
जाति-पाति के नाम पर भेदभाव का नैरेटिव नहीं चलेगा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता जाति-पाति के आधार पर भेदभाव के नैरेटिव को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पार्टी के पुराने इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सीताराम केसरी, बाबू जगजीवन राम और डॉ. भीमराव आंबेडकर के साथ कांग्रेस के व्यवहार का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपने अतीत पर विचार करना चाहिए।
खड़गे के अपमान की बात को सीएम धामी ने नकारा
मुख्यमंत्री ने मल्लिकार्जुन खड़गे को वरिष्ठ और सम्मानित नेता बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता किसी का अपमान नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले हर व्यक्ति का सम्मान किया जाता है और उत्तराखंड की संस्कृति सभी का स्वागत करने वाली रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में हमेशा राष्ट्रवाद को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह इस मामले को जातिगत विवाद का रूप देने के बजाय वास्तविक तथ्यों को देखे।
राहुल गांधी ने उठाया था शुद्धिकरण का मुद्दा
इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि यह दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों का अपमान है। राहुल गांधी ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग भी की थी।
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद उत्तराखंड की राजनीति में मामला गरमा गया है। मुख्यमंत्री धामी ने अब कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति से जोड़ दिया है।

