उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ भाषण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को चंपावत रवाना होने से पहले खटीमा के लोहियाहेड हेलीपैड पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कानून का राज है और किसी को भी कानून व्यवस्था प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि त्रिशूल चौक पर दिया गया भाषण केवल किसी एक व्यक्ति का उन्मादी भाषण नहीं है, बल्कि यह ऐसी विचारधारा को दर्शाता है, जो अतिक्रमण को बढ़ावा देती है और भारत के संविधान को नहीं मानती। उन्होंने कहा कि राज्य में सभी व्यवस्थाएं संविधान और कानून के अनुसार संचालित होती हैं।
धामी ने स्पष्ट किया कि भाषण देने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन संबंधित व्यक्ति की तलाश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और राज्य में कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
अतिक्रमण के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए अभियान लगातार जारी है। सरकार सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
धामी के मुताबिक, अब तक करीब 13 हजार एकड़ भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उत्तराखंड में कानून का राज सर्वोपरि है और किसी भी व्यक्ति को कानून व्यवस्था बिगाड़ने या सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने की छूट नहीं दी जाएगी।

