केंद्रीय बजट 2026 में रोजमर्रा की कई चीजों के दामों पर असर डालने वाले अहम फैसले किए गए हैं। हालांकि, अब ज्यादातर वस्तुओं की कीमतें GST काउंसिल तय करती है, लेकिन इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव से कुछ प्रोडक्ट सस्ते हुए हैं, तो कुछ महंगे भी हो सकते हैं। आइए समझते हैं बजट 2026 के बाद क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा।
बजट 2026 में क्या हुआ सस्ता?
1. कैंसर की दवाएं सस्ती: 17 लाइफ-सेविंग ड्रग्स पर कस्टम ड्यूटी खत्म
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 अहम दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी है। इसके साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली आयातित दवाओं और स्पेशल फूड पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे महंगे इलाज का बोझ झेल रहे मरीजों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
2. माइक्रोवेव ओवन सस्ते हो सकते हैं
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए माइक्रोवेव ओवन के कुछ खास पुर्जों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है। इससे आने वाले समय में माइक्रोवेव की कीमतों में कमी आने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य भारत को कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स का वैश्विक हब बनाना है।
3. EV बैटरी और सोलर पैनल होंगे सस्ते
लिथियम-आयन बैटरी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़े कच्चे माल पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर पैनल सस्ते होने की उम्मीद है।
4. जूते और कपड़े सस्ते हो सकते हैं
एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए लेदर, टेक्सटाइल और सी-फूड सेक्टर में कई राहतें दी गई हैं।
सी-फूड एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की सीमा 1% से बढ़ाकर 3% कर दी गई है।
लेदर, सिंथेटिक जूतों और ‘शू अपर’ के एक्सपोर्ट पर टैक्स छूट दी गई है।
कच्चा माल सस्ता होने से प्रोडक्शन कॉस्ट घटेगी, जिससे जूते, कपड़े और सी-फूड के दाम कम या स्थिर रह सकते हैं।
5. विदेश घूमना हुआ सस्ता
विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाला टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) अब 2% कर दिया गया है। पहले 10 लाख रुपये तक 5% और उससे ज्यादा पर 20% TCS लगता था। अब रकम की कोई सीमा नहीं है, जिससे विदेश यात्रा सस्ती पड़ेगी।
6. एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सस्ता
एयरक्राफ्ट के पुर्जों और कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी हटाने का फैसला लिया गया है। डिफेंस सेक्टर में MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) के लिए मंगवाए जाने वाले कच्चे माल पर भी टैक्स नहीं लगेगा। इससे विमानन सेक्टर की लागत घटेगी।
7. विदेश से निजी सामान मंगाना सस्ता
पर्सनल यूज के लिए विदेश से मंगाए जाने वाले सामान पर टैक्स 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। इससे ऑनलाइन शॉपिंग और गिफ्ट मंगाना सस्ता हो सकता है।
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बजट 2026 में क्या हुआ महंगा?
शराब महंगी हो सकती है: शराब पर TCS 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है। इससे दुकानदारों की लागत बढ़ेगी और कीमतों में इजाफा हो सकता है।
ट्रेडिंग महंगी: फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% कर दिया गया है। इससे शेयर बाजार में ट्रेडिंग की लागत बढ़ेगी।
TCS एक तरह का एडवांस इनकम टैक्स है, जिसे बाद में ITR भरते समय एडजस्ट किया जा सकता है।
STT हर खरीद-बिक्री पर लगने वाला टैक्स है, जो सीधे आपकी ट्रांजैक्शन कॉस्ट बढ़ाता है।
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नॉलेज पार्ट: GST काउंसिल तय करती है ज्यादातर कीमतें
22 सितंबर 2025 से GST के चार स्लैब घटाकर दो कर दिए गए हैं—अब केवल 5% और 18% स्लैब लागू हैं। GST काउंसिल के इस फैसले से पहले ही कई चीजें सस्ती हो चुकी हैं, और बजट में इन्हें बदला नहीं जा सकता।
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दो जरूरी सवालों के जवाब
सवाल 1: क्या बजट के बाद चीजें तुरंत सस्ती हो जाती हैं?
जवाब: नहीं। टैक्स में बदलाव का असर नए स्टॉक पर पड़ता है। दुकानों में पहले से मौजूद सामान पुरानी कीमत पर ही बिकता है। दाम घटेंगे या नहीं, यह कंपनियों की कीमत नीति पर निर्भर करता है।
सवाल 2: क्या बजट GST स्लैब बदल सकता है?
जवाब: नहीं। GST स्लैब बदलने का अधिकार केवल GST काउंसिल के पास है। बजट में सिर्फ इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में हेल्थकेयर, ग्रीन एनर्जी और ट्रैवल सेक्टर को राहत मिली है, जबकि शराब और शेयर बाजार में ट्रेडिंग करना थोड़ा महंगा हो सकता है।

