इतिहास में पहली बार बड़ी चूक : "राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत आज विधानसभा में 8 मिनट तक पुराना बजट ही पढ़ गए", किरकिरी होने के बाद सीएम नाराज, विपक्ष ने किया हंगामा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समेत भाजपा नेताओं ने कसा तंज, देखें वीडियो - Daily Lok Manch PM Modi USA Visit New York Yoga Day
July 15, 2024
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इतिहास में पहली बार बड़ी चूक : “राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत आज विधानसभा में 8 मिनट तक पुराना बजट ही पढ़ गए”, किरकिरी होने के बाद सीएम नाराज, विपक्ष ने किया हंगामा, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समेत भाजपा नेताओं ने कसा तंज, देखें वीडियो

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज की बड़ी गलती करती की राज्य में विपक्षी पार्टी भाजपा को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। बता दें कि इस साल राजस्थान में अक्टूबर-नवंबर महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कई दिनों से लोकलुभावन बजट पेश करने की तैयारी कर रहे थे। अशोक गहलोत विधानसभा चुनाव से पहले यह चुनावी बजट है। जयपुर विधानसभा में सीएम गहलोत के बजट को लेकर कांग्रेस भाजपा समेत प्रदेश के लोगों की निगाहें लगी हुई थी। सीएम गहलोत आज बजट पेश करने के लिए शुक्रवार, 10 फरवरी को सुबह करीब 10: 30 बजे
पूरी तैयारी के साथ विधानसभा सदन पहुंचे। सदन में जैसे ही सीएम गहलोत ने बजट 2023-24 को पेश करते हुए बड़ी भूल कर दी है। मुख्यमंत्री ने राजस्थान विधानसभा में पुराना बजट भाषण पढ़ दिया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री को सौंपी गई बजट की प्रतियों में कुछ पुराने पन्ने शामिल कर दिया गया था। सदन में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूरे 8 मिनट तक पुराना बजट पढ़ते चले गए। मुख्यमंत्री के पीछे बैठे मंत्री महेश जोशी ने तुरंत आकर गहलोत के कान में कुछ कहा। तब जाकर सीएम गहलोत को एहसास हुआ कि वे पुराना बजट पढ़ गए हैं। गहलोत का भाषण रुका, विपक्ष भाजपा के विधायकों ने विधानसभा में जबरदस्त हंगामा शुरू कर दिया। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी विधानसभा में पुराना बजट भाषण पढ़ा गया हो और इस पर जोरदार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी। इसके बाद सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में इस गलत के लिए क्षमा मांगी, लेकिन विपक्ष के लोग नहीं माने। बीजेपी के विधायक बेल में आ गए और हंगामा करने लगे। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब बजट भाषण के दौरान सदन को स्थगित किया गया है। लेकिन मुख्यमंत्री की जबरदस्त किरकिरी हो गई है।

शुक्रवार सुबह जयपुर विधानसभा में बजट पेश करने सदन जाते सीएम गहलोत।





सीएम गहलोत ने विधानसभा सदन में आज पुराने बजट को पढ़ते हुए यह लाइनें दोहराई—


– दो वर्ष कोरोना की मार झेलने के बाद अब जनजीवन सामान्य होने लगा है ।

– कोरोना काल में कोई भूखा नहीं सोए।

– 33 लाख परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई थी।

– हमारा भीलवाड़ा मॉडल देशभर में चर्चित रहा था।

– हम जनता की सेवा के लिए आए, काम में अगर सच्चाई है तो हर एक संकट का हल होगा, आज नहीं तो कल होगा, मंहगाई से लोग त्रस्त हैं।

हमारी सरकार ने पेट्रोल—डीजल पर वेट कम किया, बिजली की दरों को कम किया, मगर आमजन केंद्र की नीतियों के कारण महंगाई से त्रस्त है।

गांवों की तर्ज पर शहरों में शहरी रोजगारी गारंटी योजना लागू की, बरोजगारी बड़ी समस्या है, केंद्र और राज्य सरकारों को कदम उठाने चाहिए।


इसके बाद सीएम गहलोत ने कड़ी नाराजगी भी जताई है। बजट भाषण के दौरान इतनी बड़ी गलती होने पर सीएम गहलोत बेहद नाराज हैं। सीएम ने मुख्य सचिव को तलब किया है। सीएम के बुलावे पर मुख्य सचिव उषा शर्मा विधानसभा पहुंची हैं। बताया जा रहा है कि सीएम उनसे पूछेंगे कि बजट ब्रीफकेस में पुराने बजट की प्रतियां कैसे आ गई। वहीं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने सीएम गहलोत पर निशाना साधा है और कहां है इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई। ‌ राजस्थान भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी अशोक गहलोत पर तंज कसा है। बजट ब्रीफकेस में पुराने बजट की प्रतियां आने को लेकर अफसरों की लापरवाही मानी जा रही है। राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब बजट भाषण के बीच में विधान सभा को स्थगित करना पड़ा है। सदन दोबारा शुरू होने पर स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि जो भी घटना हुई है वह दुर्भाग्यपूर्ण रही, लेकिन सदन की कार्यवाही को चलने दिया जाए। सीपी जोशी ने बीजेपी विधायकों से अनुरोध किया सदन को शांतिपूर्ण तरीके से चलने दिया जाए। उन्होंने गुलाबाचंद कटारिया से विशेष रूप से अनुरोध किया कि इसे मानवीय भूल माना जाए और इसे सदन की कार्यवाही से अलग माना जाए। उन्होंने अनुरोध किया कि हमें ऐसा कोई इतिहास नहीं बनाना है जिसे याद कर हमें शर्म आए।





सदन में उपनेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जब बजट पढ़ना शुरु किया तो बाहर से किसी व्यक्ति ने आकर कहा कि ये बजट गलत है। सवाल ये है कि बाहर के किसी व्यक्ति को कैसे पता चला कि बजट गलत है। इसका मतलब ये बजट लीक हुआ है. बजट मुख्यमंत्री की अटैची में बंद था। किसी भी बाहर के व्यक्ति को कैसे पता चला। आधे घंटे बाद विधानसभा की कार्रवाई फिर से शुरु हुई। तो फिर से हंगामा हुआ। बीजेपी की तरफ से नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने आवाज उठाई। कटारिया ने कहा कि बजट का तय समय और आधार होता है। लेकिन मुख्यमंत्री ने जो पढ़ा वो बजट नहीं था. इस बजट का अब कोई औचित्य नहीं है।

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