केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस समारोह में पार्टी की 46 साल की यात्रा और उसके मूल उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भाजपा की स्थापना किसी एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाने के लिए नहीं, बल्कि देश का भविष्य संवारने के लिए हुई है।
भाजपा की स्थापना के मूल विचारों को किया याद
नितिन गडकरी ने कहा कि 46 साल (6 अप्रैल 1980) पहले राम जेठमलानी और शांति भूषण की मौजूदगी में पार्टी की नींव रखी गई थी। उस समय विभिन्न नेताओं ने देशभर में जाकर पार्टी के विचार, संविधान और उद्देश्यों पर व्यापक चर्चा की थी।
ऐतिहासिक बैठकों और नेताओं का किया जिक्र
उन्होंने मुंबई के बांद्रा रिक्लेमेशन की बैठक को याद करते हुए कहा कि इसमें एम.सी. छागला मुख्य अतिथि थे। छागला ने उस समय कहा था कि जो पार्टी देश का नेतृत्व करेगी, उसके साथ वह खड़े हैं।
अटल जी की भविष्यवाणी का जिक्र
गडकरी ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था, “अंधकार छंटेगा, सूरज निकलेगा और कमल खिलेगा,” जो आज सच साबित हुआ। उन्होंने कहा कि अटल जी हमेशा इस बात पर जोर देते थे कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा, बल्कि यह जरूरी है कि देश कैसा होगा।
विपक्ष के आरोपों पर दिया जवाब
केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि भाजपा न तो जातिवादी है और न ही सांप्रदायिक। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति विविधता में एकता की रही है, जहां लोग अलग-अलग पूजा पद्धतियों को मानते हुए भी एकजुट रहते हैं।
ईरान दौरे का अनुभव किया साझा
नितिन गडकरी ने अपने ईरान दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि चाबहार बंदरगाह परियोजना के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि फारसी भाषा की जड़ें संस्कृत से जुड़ी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि तेहरान यूनिवर्सिटी में संस्कृत का विभाग भी मौजूद है।
एकता और सांस्कृतिक विरासत पर जोर
उन्होंने कहा कि चाहे कश्मीर हो या गुवाहाटी, देश की धरती, विरासत और इतिहास एक हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे देशहित, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए काम करें।
समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान
गडकरी ने भाजपा की 46 वर्षों की यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि आगे भी इसी निष्ठा और समर्पण के साथ देश और समाज के लिए काम करना होगा।
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