देवभूमि उत्तराखंड में राज्य सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई अहम संदेश दिए। हरिद्वार में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसे देश में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे लोगों को देश से बाहर किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ लोग हर मुद्दे पर नकारात्मक राजनीति करते हैं, लेकिन देश अब तुष्टिकरण की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष के साथ की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती त्याग, तपस्या और बलिदान की भूमि है। उन्होंने देवभूमि को नमन करते हुए बाबा केदार, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब को प्रणाम किया। अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं ने राज्य के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब इस क्षेत्र के लोगों को अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा था और उस समय कांग्रेस की सरकार ने आंदोलनकारियों पर दमन किया था। अमित शाह ने कहा कि रामपुर तिराहा की घटना आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है, जब राज्य आंदोलनकारियों पर अत्याचार हुआ था। उन्होंने कहा कि अंततः पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड राज्य का गठन कर यहां की जनता के सपने को साकार किया। शाह ने कहा कि आज वही उत्तराखंड विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिली है और सरकार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने नई न्याय व्यवस्था से जुड़े कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के बनाए लगभग डेढ़ सौ साल पुराने कानूनों को समाप्त कर देश में नई न्याय संहिता लागू की गई है, जो नागरिकों की सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आम नागरिक को समय पर न्याय मिल सके।
अमित शाह ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत यह लक्ष्य रखा गया है कि मुकदमा दर्ज होने से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक की पूरी न्यायिक प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा में पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को वर्षों तक न्याय के लिए भटकना न पड़े।
घुसपैठ के मुद्दे पर बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट कहा कि देश की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केदारनाथ से लेकर कन्याकुमारी तक देश की सुरक्षा और संप्रभुता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे पर भी राजनीति करते हैं, लेकिन सरकार देशहित में कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी। अमित शाह ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि नौ वर्षों के शासन में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई बड़ा आरोप नहीं लगा है, जबकि पहले की सरकारों पर कई प्रकार के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश अब पारदर्शी शासन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने समान नागरिक संहिता का भी उल्लेख किया और कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने इस कानून को लागू किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून समाज में समानता और न्याय की भावना को मजबूत करेगा और जनसंख्या के असंतुलन जैसी चुनौतियों से निपटने में भी मदद करेगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया है, जो आगे की प्रक्रिया पर काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जनता को कांग्रेस से भी हिसाब मांगना चाहिए कि उनके शासनकाल में उत्तराखंड को कितना विकास मिला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार ने राज्य के विकास के लिए बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता प्रदान की है।

गृहमंत्री अमित शाह ने विकास कार्यों और योजनाओं का किया उल्लेख–
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में हुए विकास कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार ने राज्य को लगभग एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये की सहायता दी है, जिससे बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिली है। उन्होंने कहा कि चारधाम से जुड़े मार्गों का विस्तार किया गया है और तीर्थस्थलों के विकास के लिए भी बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही दिल्ली और देहरादून के बीच आधुनिक मार्ग का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे यात्रा का समय कम होगा और लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी। अमित शाह ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि कई नए मार्गों का निर्माण किया गया है और कई परियोजनाएं अभी निर्माणाधीन हैं। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर संपर्क सुविधा मिल रही है और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के बीच उत्तराखंड का औसत बजट काफी सीमित था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान राज्य का बजट कई गुना बढ़ा है, जिससे विकास योजनाओं को मजबूती मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में प्रति व्यक्ति आय लगभग एक लाख पच्चीस हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर दो लाख तिहत्तर हजार रुपये से अधिक हो गई है। इसी प्रकार राज्य की सकल घरेलू उत्पाद में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में भी तीर्थयात्रियों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पहले की तुलना में अब तीन गुना अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड आ रहे हैं। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री के उत्तराखंड आगमन पर जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया और देवभूमि की परंपरा के अनुसार उन्हें सम्मानित किया। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री हरिद्वार पहुंचे, जहां उन्होंने ई-जीरो प्राथमिकी प्रणाली की शुरुआत की। इस नई व्यवस्था के माध्यम से अब लोग दूरभाष सेवा के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। बताया गया कि इस प्रणाली के तहत पहली प्राथमिकी अल्मोड़ा निवासी एक व्यक्ति द्वारा धोखाधड़ी के मामले में दर्ज कराई गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री को राज्य की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी एक पारंपरिक टोपी भेंट कर सम्मानित किया। यह उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जाता है।
इस मौके पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए कुछ शरणार्थियों को भारत की नागरिकता के प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए। इनमें शैलेष, जसपाल परमार, दुर्गा लाली राजपूत और हसेरी बाई जैसे लोगों के नाम शामिल थे। नागरिकता प्रमाणपत्र मिलने के बाद इन लोगों ने खुशी जाहिर की और कहा कि अब उन्हें भारत में स्थायी पहचान मिल गई है। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के पांच आरक्षियों को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा हाल ही में नियुक्ति पाने वाले लगभग दो हजार पुलिस कर्मियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया। अपने दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। इनमें सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाएं शामिल थीं, जो राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेंगी। इस कार्यक्रम में लगभग तीन सौ बारह करोड़ रुपये से अधिक की उन्नीस परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जबकि एक सौ पंद्रह करोड़ रुपये से अधिक की बत्तीस परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में सड़क, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन के अंत में उत्तराखंड की जनता से अपील करते हुए कहा कि राज्य के विकास को आगे बढ़ाने के लिए जनता का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में विकास की जो यात्रा शुरू हुई है, उसे और तेज गति देने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा ।
मोदी-शाह के मार्गदर्शन में तेजी से आगे बढ़ रहा उत्तराखंड : सीएम धामी
हरिद्वार के बैरागी कैंप मैदान में आयोजित उत्तराखंड सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में उत्तराखंड तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ देश के कोने-कोने में विकास की नई गाथा लिख रही है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज संकल्प शक्ति और समर्पण के बल पर विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की विचारधारा देश को मजबूत बनाने और आम जनता के जीवन को बेहतर करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उत्तराखंड में भी सरकार विकास को प्राथमिकता देते हुए हर क्षेत्र में नई योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड के समग्र विकास के साथ-साथ यहां की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक संतुलन को सुरक्षित रखने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करना भी इसी दिशा में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे समाज में समानता और न्याय की भावना मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। इसके लिए बुनियादी ढांचे, पर्यटन, रोजगार और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

