उत्तराखंड सरकार ने श्रमिकों और व्यापारियों को राहत देने के लिए दो महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। श्रमिकों के लिए एक अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) की नई दरें लागू कर दी गई हैं। इससे विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि होगी। वहीं, पंजीकृत व्यापारियों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा देने वाली व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना को भी एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। अब यह योजना 19 नवंबर 2026 से 18 नवंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी। योजना के तहत दुर्घटना में व्यापारी की मृत्यु होने पर उनके परिवार को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
श्रमिकों के महंगाई भत्ते की नई दरें श्रम आयुक्त, उत्तराखंड के आदेश के तहत निर्धारित की गई हैं। परिवर्तनीय महंगाई भत्ता श्रमिकों को बढ़ती महंगाई के असर से राहत देने के उद्देश्य से दिया जाता है। नई दरें लागू होने से निर्धारित श्रेणियों के श्रमिकों के वेतन में महंगाई भत्ते के अनुसार बढ़ोतरी होगी। इससे निर्माण, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में काम करने वाले उन श्रमिकों को लाभ मिल सकता है, जो अधिसूचित न्यूनतम वेतन की श्रेणियों में आते हैं।
नई दरों में श्रमिकों की अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार महंगाई भत्ते का निर्धारण किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ श्रेणियों में महंगाई भत्ते की राशि 634 रुपये तय की गई है। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी श्रमिक की श्रेणी, निर्धारित वेतन और लागू दरों पर निर्भर करेगी। नियोक्ताओं को संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते के प्रावधानों के अनुसार भुगतान करना होगा। नई दरें 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए लागू रहेंगी। इसके बाद संबंधित आदेश या संशोधित दरों के आधार पर आगे की व्यवस्था तय होगी।
व्यापारियों के परिवारों को मिलेगा आर्थिक सहारा
दूसरी ओर, राज्य सरकार ने पंजीकृत व्यापारियों के हित में व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। यह योजना उन व्यापारियों के परिवारों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से संचालित की जाती है, जिनकी दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है। योजना को एक साल का विस्तार मिलने से पात्र पंजीकृत व्यापारियों को आगामी अवधि में भी इसका लाभ मिल सकेगा।
योजना के तहत दुर्घटना में व्यापारी की मृत्यु होने की स्थिति में पात्र परिवार को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे परिवार को संकट की घड़ी में आर्थिक संबल मिल सकता है। व्यापारियों के लिए यह सहायता विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि परिवार की आजीविका कई बार व्यापार से होने वाली आय पर निर्भर रहती है।
सरकार के इन दोनों फैसलों का उद्देश्य श्रमिकों की आय को महंगाई के अनुरूप राहत देना और व्यापारियों के परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। श्रमिकों के लिए नई दरें अक्टूबर से मार्च तक लागू रहेंगी, जबकि व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना नवंबर 2026 से नवंबर 2027 तक संचालित होगी। संबंधित श्रमिकों और व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी पात्रता, लागू दरों और योजना के तहत आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त करें।

