*जय माता दी*
🌞 ~ *आज का पञ्चाङ्ग* ~ 🌞
🌤️ *दिनांक – 18 अक्टूबर 2026*
🌤️ *दिन – रविवार*
🌤️ *संवत्सर – रौद्र*
🌤️ *विक्रम संवत 2083 (गुजरात अनुसार 2082)*
🌤️ *शक संवत – 1948*
🌤️ *कलि युगाब्द – 5128*
🌤️ *अयन – दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु – शरद ॠतु*
🌤️ *मास – आश्विन*
🌤️ *पक्ष – शुक्ल*
🌤️ *तिथि – सप्तमी सुबह 08:27 तक अष्टमी पूर्ण रात्रि*
🌤️ *नक्षत्र – पूर्वाषाढा दोपहर 12:49 तक तत्पश्चात उत्तराषाढा*
🌤️ *योग – सुकर्मा रात्रि 11:56 तक तत्पश्चात धृति*
🌤️*राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 06:00*
🌤️ *सूर्योदय – 06:18*
🌤️ *सूर्यास्त – 05:42*
स्थानीय समयानुसार राहुकाल सूर्यास्त सूर्योदय समय में अंतर सम्भव है।
👉 *दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे*
🔥 *अग्निवास*🔥
07+01+01=09÷4=01 स्वर्ग लोक में।❌❌
🔱 *शिववास*🔱
07+07+5=19÷7 =05 भोजन चैव वासे। ❌❌
🚩व्रत पर्व विवरण – सरस्वती बलिदान, विजया सप्तमी, रविवारी सप्तमी (पुण्यकाल: सूर्योदय से सुबह 08:27 तक)
विशेष- सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

