हिमाचल प्रदेश में कई दिनों से भारी बर्फबारी होने की वजह से जनजीवन पर बड़ा असर हुआ है। कुल्लू मनाली मंडी शिमला समेत कई जिलों में हिमपात होने की वजह से प्रदेश के लोगों के साथ बाहर से आए पर्यटकों को भी अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुल्लू मनाली में गणतंत्र दिवस मनाने आए हजारों सैलानी भारी जाम में फंस गए। वहीं दूसरी ओर हिमपात के बीच दूल्हा बारात लेकर निकला और बर्फ के बीच विवाह की रस्में निभाई गई। एक बार फिर हिमाचल में मौसम बिगड़ने जा रहा है।
हिमाचल में आज रात से प्रदेश में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला (IMD) ने इसे देखते हुए 27 जनवरी को राज्य के चार जिलों में भारी बर्फबारी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी कुल्लू, चंबा, लाहौल-स्पीति और किन्नौर जिलों के लिए दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर तेज हो सकता है। खासकर लाहौल-स्पीति और किन्नौर में भारी से बहुत भारी बर्फ गिरने की संभावना जताई गई है, जबकि कुल्लू और चंबा के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फबारी के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बर्फबारी के चलते सड़कें बंद होने, बिजली और संचार सेवाएं बाधित होने की आशंका है। खासकर जनजातीय जिलों में यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन को पहले से ही अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।



राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी सभी जिलों को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश जारी किए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में मशीनरी और राहत दलों को तैनात रखने को कहा गया है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें। ऊंचाई वाले इलाकों की ओर जाने वाले पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 जनवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब बना रह सकता है। निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के कारण भूस्खलन की भी संभावना जताई गई है। किसानों और बागवानों को भी मौसम को देखते हुए जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है, ताकि फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर सर्दी का असर तेज होने वाला है। प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है। आने वाले 24 से 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक ऐसा अनोखा विवाह हुआ। जिसे शायद ही कोई भूल पाएगा। एक दूल्हा भारी हिमपात के बीच बारात लेकर निकला और बर्फ के बीच विवाह की रस्में निभाई गई। ये अनोखी शादी मंडी के सराज क्षेत्र में हुई। हिमपात से जब सड़कें बंद हो गई और अंधेरा छा गया, तब भी बुनालीधार के गितेश ठाकुर का हौसला नहीं डगमगाया। दुल्हन को लेने का जज्बा ऐसा था कि दूल्हा करीब 7 किलोमीटर बर्फीले और दुर्गम रास्तों को तय कर बारातियों सहित बैंचड़ी पहुंचा। जहां बर्फ के बीच विवाह की रस्में निभाई गई। बर्फ के बीच हुई ये शादी यादगार बन गई है। जो भी लोग इस शादी में शामिल हुए वो शायद ही इस विवाह को कभी भूल पाएंगे।
बुनालीधार निवासी गितेश ठाकुर का विवाह 24 जनवरी को बैंचड़ी की ऊषा ठाकुर के साथ तय था। इससे एक दिन पहले 23 जनवरी को सराज क्षेत्र में भारी हिमपात हुआ, जिससे लगभग सभी संपर्क मार्ग बंद हो गए। क्षेत्र में ब्लैकआउट की स्थिति भी बनी रही। मुख्य सड़क बंद होने के कारण परिवार ने पैदल ही बारात ले जाने का निर्णय लिया। जहां पहले करीब 100 लोगों की बारात जानी थी, वहीं मौसम की मार के चलते केवल 20 के करीब ही रिश्तेदार बारात में शामिल हो सके। दूल्हा गितेश ठाकुर और उसके दोस्त सबसे आगे चलते हुए दो से ढाई फीट बर्फ से ढके ऊबड़-खाबड़ रास्तों से निकले। बारात दोपहर करीब सवा तीन बजे बुनालीधार से रवाना हुई और शाम करीब सात बजे बैंचड़ी पहुंची।

