जर्मनी की दिग्गज कार कंपनी फॉक्सवैगन (Volkswagen) में आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती हो सकती है। कंपनी के सुपरवाइजरी बोर्ड ने ‘फ्यूचर प्लान 2030’ को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत दुनियाभर में करीब 50,000 और नौकरियां खत्म करने का प्रस्ताव शामिल है। कंपनी ने यह कदम वैश्विक प्रतिस्पर्धा, ग्राहकों की बदलती मांग और ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच उठाया है।
फ्यूचर प्लान 2030 के तहत कुल 12 प्रमुख पहलों को मंजूरी दी गई है। इनमें 2035 तक कंपनी के व्हीकल मॉडल लाइनअप को मौजूदा स्तर के मुकाबले करीब आधा करने और 2027 से 2031 के बीच कैपिटल एक्सपेंडिचर में लगभग 16 प्रतिशत की कटौती करने की योजना भी शामिल है। कंपनी का लक्ष्य लागत घटाने के साथ अपने कारोबार को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना है।
फॉक्सवैगन यूरोप की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनियों में शामिल है। कंपनी के पास और जैसे प्रमुख ब्रांड भी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘फ्यूचर प्लान 2030’ कंपनी के करीब 89 साल के इतिहास में सबसे बड़े पुनर्गठन कार्यक्रमों में से एक है।
इस योजना में जर्मनी के चार ऐसे प्लांट के भविष्य के लिए वैकल्पिक इस्तेमाल पर भी विचार किया जाएगा, जिनके मौजूदा वाहन मॉडल अगले दशक में उत्पादन से बाहर हो सकते हैं। कंपनी के CEO ओलिवर ब्लूम ने कहा कि यह योजना फॉक्सवैगन ग्रुप के भविष्य के लिए मजबूत संकेत है और कंपनी अपने कर्मचारियों, पार्टनर्स तथा दुनियाभर में औद्योगिक रोजगार के प्रति जिम्मेदारी निभा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, फॉक्सवैगन मैनेजमेंट और यूनियनों के बीच इस दशक के अंत तक कुल करीब 1 लाख नौकरियां कम करने को लेकर सहमति बनी है। इनमें से 50,000 नौकरियों में कटौती की प्रक्रिया पहले से चल रही है, जबकि अब अतिरिक्त 50,000 नौकरियों में कमी की योजना को मंजूरी मिली है।

