देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार हुआ है। राज्य में सरकारी और निजी नर्सिंग संस्थानों में सीटों की संख्या बढ़ने के साथ शिक्षकों की नियुक्ति और विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नर्सिंग शिक्षा को मजबूत बनाने और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
जुलाई 2021 के बाद प्रदेश में तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप नर्सिंग के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 321 सीटों की वृद्धि हुई है। अब सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में कुल सीटों की संख्या 879 हो गई है। वहीं, निजी संस्थानों में 10,616 सीटें उपलब्ध हैं। इस तरह प्रदेश में सरकारी और निजी संस्थानों को मिलाकर नर्सिंग शिक्षा की कुल क्षमता 11,495 सीटों तक पहुंच गई है।
निजी नर्सिंग संस्थानों में भी बढ़े अवसर
उत्तराखंड में निजी नर्सिंग शिक्षा का दायरा भी लगातार बढ़ा है। जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन संस्थानों में 5,138 सीटों को मंजूरी दी गई। वर्तमान में निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल 10,616 सीटें बताई गई हैं।
प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी शिक्षा प्राप्त करने पहुंच रहे हैं। इससे उत्तराखंड के शैक्षणिक संस्थानों को विस्तार मिलने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता बढ़ने की संभावना है।
जापान और जर्मनी में युवाओं को मिला रोजगार
नर्सिंग शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय रोजगार से जोड़ने के लिए विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इनमें जापानी, जर्मन और स्पेनिश भाषाएं शामिल हैं। सरकार के अनुसार, वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला, जबकि वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में नौकरी मिली।
विदेशी भाषा और व्यावसायिक कौशल का प्रशिक्षण युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर तलाशने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसके लिए आवश्यक योग्यता, भाषा दक्षता और संबंधित देश के नियमों को पूरा करना भी जरूरी है।
नर्सिंग कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर
नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर भी काम किया गया है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, दिसंबर 2021 में 40 नर्सिंग ट्यूटर नियुक्त किए गए थे। जून 2025 तक 26 और ट्यूटरों की नियुक्ति हुई, जिससे नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की संख्या 66 हो गई।
इसके अतिरिक्त अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। नवंबर 2025 में सात और संकाय सदस्यों की नियुक्ति हुई। शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के पद भी सृजित किए गए हैं।
16 असिस्टेंट प्रोफेसरों और 30 ट्यूटरों की भर्ती की प्रक्रिया
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के मुताबिक, 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इसके अलावा सितंबर 2026 में 30 ट्यूटरों की भर्ती के लिए उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजा गया।
वहीं, हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में हर साल लगभग 12 हजार से 15 हजार अभ्यर्थी हिस्सा लेते हैं। यह आंकड़ा राज्य में नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं की रुचि को दर्शाता है।
प्रदेश में नर्सिंग सीटों का विस्तार, शिक्षकों की नियुक्ति और विदेशों में रोजगार के प्रयास युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं। अब इन पहलों की सफलता के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं और रोजगार के अवसरों को लगातार मजबूत बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

