उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो दिन पहले 31 मार्च को ईद के दिन प्रदेश के चार जिलों में एक झटके में ही 17 जगहों के नाम बदल दिए। इसमे कई ऐसे नाम थे जो अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े थे। सीएम धामी के इस फैसले के बाद राजनीति गर्मा गई है। उत्तराखंड सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हम न तो इसके पक्ष में हैं और न ही इसके खिलाफ। हम बस यह बताना चाहते हैं कि नाम बदलना भाजपा का एजेंडा बन गया है क्योंकि उनके पास असली काम दिखाने के लिए कुछ नहीं है। पिछले साढ़े आठ साल पूरी तरह से विफल रहे हैं। अब जनता उनसे सवाल कर रही है। इन सवालों से ध्यान हटाने के लिए वे नाम बदलने का नाटक कर रहे हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धामी सरकार पर निशाना साधा है। लोकसभा की कार्रवाई में शामिल होने जा रहे अखिलेश ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा- उत्तराखंड का नाम भी उत्तर प्रदेश-2 करने देना चाहिए। उत्तर प्रदेश का नाम भी उत्तराखंड से उन्हें जोड़ देना चाहिए।’ मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि लंबे समय से लोगों को प्रतीक्षा थी कि जनभावनाओं, जनअपेक्षाओं व वहां की संस्कृति के अनुरूप उन स्थानों के नाम रखे जाएं। देवभूमि का जो मूल स्वरूप है, उनके प्रति जो लोगों की आस्था बढ़े। लोगों ने भी इसका स्वागत किया है।हरिद्वार जिले के इन जगहों के बदले नाम–
सरकार की ओर से जारी लिस्ट के मुताबिक, हरिद्वार जिले के औरंगजेबपुर का नाम शिवाजी नगर होगा। वहीं गाजीवाली का नाम आर्यनगर, चांदपुर का नाम ज्योतिबा फुले नगर, मोहम्मदपुर जट का नाम मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली का नाम अंबेडकर नगर, इदरीशपुर का नाम नंदपुर, खानपुर का नाम श्री कृष्णपुर और अकबरपुर फाजलपुर का नाम विजयनगर रखा गया है।
देहरादून जिले के इन जगहों के नाम में बदलाव–
वहीं देहरादून जिले के देहरादून नगर निगम ब्लॉक के मियांवाला का नाम रामजीवाला, विकासनगर ब्लॉक के पीरवाला का नाम केसरी नगर, विकासनगर के ही चांदपुर खुर्द का नाम पृथ्वीराज नगर और सहसपुर ब्लॉक के अब्दुल्लापुर का नाम दक्षनगर रखा गया है।
नैनीताल और उधम सिंह नगर जिले की इन जगहों को नई पहचान–
नैनीताल जिले के नवाबी रोड का नाम अटल मार्ग, पनचक्की से आईआईटी मार्ग का नाम गुरु गोलवरकर मार्ग रखा गया है। आगे उधम सिंह नगर जिले की नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी का नाम बदल कर कौशल्या पुरी कर दिया गया है।