मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार दोपहर बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया, जब यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट अचानक पलट गई। हादसे के समय नाव में करीब 25 से 30 लोग सवार बताए जा रहे हैं। ये सभी श्रद्धालु श्रृंगार घाट से नाव में बैठे थे और नदी पार कर रहे थे, तभी अचानक संतुलन बिगड़ने से नाव पलट गई। कुछ ही सेकंड में नाव पलटते ही लोग नदी में गिर पड़े और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मोटर बोट अचानक एक तरफ झुक गई और देखते ही देखते पलट गई। नाव पलटने के बाद कई श्रद्धालु गहरे पानी में डूब गए, जबकि कुछ लोग खुद तैरकर बाहर आने की कोशिश करते रहे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को नदी से बाहर निकाला गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार 10 से 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई लोग लापता हो गए थे।

डीआईजी शैलेश पांडे ने बताया कि हादसे में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। पांच लोगों के लापता होने की भी पुष्टि हुई है, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एनडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीम नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन का कहना है कि लापता लोगों को तलाशने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
हादसे में घायल लोगों को तुरंत मांट सीएचसी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें उच्च केंद्र पर रेफर करने की तैयारी की जा रही है। घटना के बाद अस्पताल में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिजन रोते-बिलखते नजर आए।
बताया जा रहा है कि यमुना नदी पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण पैंटून पुल को हटाया गया था। इससे नदी के प्रवाह और नाव के संतुलन पर असर पड़ा, जो हादसे की एक वजह मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन ने कहा है कि हादसे के सही कारणों की जांच कराई जाएगी।
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक करीब 150 लोगों का दल लुधियाना (पंजाब) और मुक्तेश्वर से वृंदावन घूमने आया था। नाव में सवार लोग इसी दल का हिस्सा थे। हादसे के बाद बाकी श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई। प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार नाव एक निजी नाविक की थी, जो श्रद्धालुओं को लेकर नदी में उतरी थी। हादसे के बाद नाव भी पलटकर डूब गई, जिसकी तलाश की जा रही है। प्रशासन यह भी जांच कर रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग तो नहीं बैठाए गए थे और सुरक्षा इंतजाम पूरे थे या नहीं।
घटना के बाद नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। बचाव कार्य तेज कर दिया गया है और नदी के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। यह हादसा वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

